


Pregnancy Best Foods
16 February 2026 को अपडेट किया गया
प्रेग्नेंसी के दौरान अक्सर महिलाओं को अजीबोगरीब क्रेविंग होती है. इसमें से एक है स्ट्रीट फूड्स की क्रेविंग होना. इस आर्टिकल में जानें कि अगर प्रेग्नेंसी के दौरान आपको स्ट्रीट फूड्स की क्रेविंग होती है, तो आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.
स्ट्रीट फूड्स दो शब्दों से मिलकर बना है, जिसमें स्ट्रीट का अर्थ है- गली, रोड या मोहल्ला. वहीं फूड्स का अर्थ खाने पीने की चीज़ों से है. इस तरह स्ट्रीट फूड्स का अर्थ खाने-पीने की उन चीज़ों से है, जो रोड किनारे लगे छोटे-छोटे स्टॉल पर बनाये जाते हैं. पानी पुड़ी, चाट-पकौड़े, समोसा, आलू चाट, कचौड़ी, वड़ा पाव आदि ऐसी कई चीज़ें हैं, जिनका नाम लेते ही मुँह में पानी आ जाता है. ये सभी स्ट्रीट फूड्स ही होते हैं.
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प्रेग्नेंसी के दौरान कई फूड्स को खाने की मनाही होती है. ऐसे में यह सवाल उठना लाज़िमी है कि प्रेग्नेंसी के दौरान स्ट्रीट फूड्स का सेवन करना चाहिए या फिर नहीं. अगर आपके भी मन में कुछ इसी तरह का कोई सवाल है, तो इसका जवाब है कि आप प्रेग्नेंसी में स्ट्रीट फूड्स खा सकते हैं. बशर्तें कुछ बातों का ध्यान रखकर; जैसे कि- आप जो भी फूड खा रहे हैं, उसे बनाने के दौरान हाइजीन का ध्यान रखा गया है या नहीं. इसलिए जब भी आप कोई स्ट्रीट फूड खाने जाये तो सबसे पहले हाइजीन पर ध्यान दें. अगर कोई फ्राइड चीज़ खा रहे हैं, तो देखें कि उसे बनाने के लिए किस तरह के ऑइल का उपयोग हुआ है. ध्यान रखें आपको फ्रेश ऑइल से बने फूड्स ही खाना चाहिए. बासी या बार-बार एक ही तेल में बनी चीज़ों को खाने से आपको गले में दर्द या खराश महसूस हो सकती है. इतना ही नहीं, इससे आपको पेट खराब या फूड पॉइजनिंग की समस्या भी हो सकती है. इसके अलावा देखें कि फूड को बनाने के लिए किस पानी का इस्तेमाल हुआ है. साफ़ पानी से बनी हुई चीज़ों को खाने में कोई नुक़सान नहीं है.
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अगर आप प्रेग्नेंसी के दौरान स्ट्रीट फूड्स खाना चाहते हैं, तो इन टिप्स को ज़रूर फॉलो करें!
अक्सर प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को फूड पॉइजनिंग या पेट दर्द की समस्या का सामना करना पड़ता है. इसका मुख्य कारण है खानपान के दौरान हाइजीन का ध्यान न देना. ऐसे में ज़रूरी है कि प्रेग्नेंसी के दौरान आप उसी जगह पर स्ट्रीट फूड्स खाएँ जहाँ पर हाइजीन का ख़ास ध्यान रखा गया हो. आप इसके लिए अपने फ्रेंड्स या क़रीबी से भी पूछ सकते हैं. ऐसी जगह से स्ट्रीट फूड्स चुनें जहाँ पर मच्छर, मक्खियों या कीड़े न हो.
आमतौर पर स्ट्रीट फूड्स के साथ चटनी ज़रूर दी जाती है और हम इसे बहुत शौक़ से खाते भी हैं. यह चटनी पुदीने, इमली, हरी मिर्ची और धनिये की हो सकती है. लेकिन प्रेग्नेंसी के दौरान आपको इस तरह की चटनी खाने से बचना चाहिए. दरअसल, इस तरह की चटनी को खुले में ही रखा जाता है, जिससे इस पर कई तरह के जर्म्स आ सकते हैं. इससे आपको उल्टी या दस्त की समस्या हो सकती है. आप इन चटनी की जगह टमाटर का केचप या सॉस ले सकते हैं. वैसे भी गर्भवती महिलाओं को मसालेदार चीज़ें खाने से बचना चाहिए. ऐसी चीज़ें माँ और गर्भ में पल रहे बेबी दोनों के लिए सुरक्षित नहीं होती हैं.
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गर्भवती महिलाओं को कच्ची और अधपकी चीज़ों को नहीं खाना चाहिए. अगर आप वेजिटेरियन हैं तो कच्ची या अधपकी सब्ज़ियों को खाने से बचें. वहीं, अगर आप नॉन वेजिटेरियन हैं, तो कच्चा या अधपका मीट न खाएँ. रोड किनारे बने हुए बर्गर और सैंडविच में अक्सर कच्ची सब्ज़ियों का इस्तेमाल होता है, जो बाद में फूड पॉइजनिंग का कारण बन सकती हैं. बता दें कि टाइफाइड और हेपेटाइटिस वायरस अक्सर दूषित भोजन के माध्यम से फैलते हैं. इसलिए प्रेग्नेंसी के दौरान साफ़ और अच्छे तरह से पके हुए फूड्स का ही सेवन करें.
ऊपर बताए गए टिप्स को फॉलो करके आप प्रेग्नेंसी के दौरान स्ट्रीट फूड्स का आनंद ले सकते हैं.
ऐसा नहीं है कि आप प्रेग्नेंसी के दौरान स्ट्रीट फूड्स नहीं खा सकते हैं. आप बिल्कुल खा सकते हैं, लेकिन सीमित मात्रा में. ध्यान रखें, प्रेग्नेंसी के दौरान सोच-समझकर ही फूड्स का सेवन करें, क्योंकि इसका असर आपकी सेहत के साथ ही आपके गर्भ में पल रहे बेबी पर भी हो सकता है.
Farland LV, Rifas-Shiman SL, Gillman MW. (2015). Early Pregnancy Cravings, Dietary Intake, and Development of Abnormal Glucose Tolerance.
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Written by
Jyoti Prajapati
Jyoti is a Hindi Content Writer who knows how to grip the audience with her compelling words. With an experience of more
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