
प्रेग्नेंसी कई तरह की कॉम्प्लेक्स फीलिंग्स के साथ जुड़ी हुई है जिसका कारण है इस दौरान होने वाले अनेक शारीरिक और भावनात्मक परिवर्तन.प्रेग्नेंसी हार्मोन्स अक्सर भावनात्मक प्रतिक्रियाओं को उत्तेजित करते हैं जिससे मूड में बदलाव और सेंसिटिविटी बढ़ सकती है.इस के अलावा भी कई तरह के बाहरी बदलाव देखने को मिलते हैं इनके बारे में हम यहाँ बात करेंगे.
9वें हफ़्ते तक आते आते एम्ब्रयो को फीटस कहा जाने लगता है जिसमें सभी मुख्य अंगों का डेवलपमेंट और ज़रूरी अंगों का विकास जारी रहता है. इस स्तर पर शरीर बढ़ते हुए फीटस को सहारा देने के लिए ज़रूरी हार्मोनल और मेटाबोलिक परिवर्तनों से गुजरता है. आइये जानते हैं क्या होते हैं (9-week pregnancy symptoms in Hindi) नवें हफ़्ते के लक्षण
बाहरी लक्षणों में थकान और ब्रेस्ट टेंडरनेस शामिल हैं.
कुछ महिलाओं का वज़न तेज़ी से बढ़ने लगता है।
मतली, जिसे अक्सर मॉर्निंग सिकनेस भी कहा जाता है बनी रहती है.
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दसवाँ हफ़्ता आते-आते बच्चे के लीवर और किडनी जैसे अंग काम करना शुरु कर देते हैं और कुछ महिलाओं को फीटस मूवमेंट भी महसूस होने लगता है. इस हफ़्ते के लक्षण (10-week pregnancy symptoms in Hindi) कुछ ऐसे होते हैं.
मॉर्निंग सिकनेस बनी रह सकती है और कुछ महिलाओं को मूड स्विंग्स तेज़ होने लगते हैं.
हार्मोनल परिवर्तनों के कारण ब्रेस्ट टेंडरनेस बनी रहती है.
हार्मोनल उतार-चढ़ाव के कारण इस हफ़्ते के बाद से उबकाई और मतली में कुछ कमी भी देखने को मिल सकती है.
ग्वारहवाँ हफ़्ता लगते-लगते फीटस का आकार और शरीर की बारीकियाँ अधिक स्पष्ट हो जाती हैं, और बच्चा अधिक ऐक्टिव हो जाता है. जैसे- जैसे भ्रूण में परिवर्तन होता है उसी अनुसार इस स्टेज के लक्षण (11-week pregnancy symptoms in Hindi) भी बदल जाते हैं
उबकाई और मतली में कमी आने लगती है.
लेकिन थकान और ब्रेस्ट टेंडरनेस अक्सर बनी रहती है.
कुछ महिलाओं को अपनी त्वचा में भी बदलाव नज़र आते हैं.
कुछ महिलाओं को इस पहले ट्राइमेस्टर के ख़त्म होते -होते उल्टी मतली और मूड स्विंग्स से राहत की अनुभूति होती है, जबकि कुछ में यह अभी बने रहते हैं.
बारहवाँ हफ़्ता लगते-लगते फीटस में रिफ़्लेक्स और चेहरे का आकार तथा नैन नक्श विकसित होने लगते हैं और चेहरे की विशेषताएँ अधिक साफ़-साफ़ दिखाई देने लगती हैं.इस दौरान दिखने वाले बाहरी लक्षणों (12 week pregnancy symptoms in Hindi) में मुख्य हैं.
उल्टी और मतली का काफी कम हो जाना.
गर्भपात का ख़तरा घट जाना.
कुछ महिलाओं में छोटे से बेबी बंप का दिखना.
अब माँ को कुछ आरामदायक महसूस होना भी शुरू हो जाता है और उसे अपने अंदर बढ़ते और विकसित हो रहे बच्चे के वास्तविक संकेत दिखने लगते हैं।
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तेरहवाँ हफ़्ता लगने के साथ ही फीटस के सेक्शुअल ऑर्गन्स विकसित होते हैं, हालांकि इस स्टेज पर अल्ट्रासाउंड के माध्यम से लिंग का पता नहीं चलता है. इस दौरान जो बाहरी लक्षण (13 week pregnancy symptoms in Hindi) दिखते हैं उनमें मुख्य हैं
माँ के एनर्जी लेवल में सुधार होता है और उसे मॉर्निंग सिकनेस से राहत का अनुभव होता है.
अब माँ की त्वचा में भी कुछ परिवर्तन दिखाई देने लगते हैं; जैसे कि एरोला का काला पड़ना आदि.
बेबी बंप का हल्का उभार धीरे-धीरे बढ़ता है.
माँ को लगातार रहने वाली थकावट से राहत मिलती है.
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चौदवें हफ़्ते में भी फीटस तेज़ी से बढ़ता रहता है और उसके चेहरे के फ़ीचर्स अब और अधिक साफ़ दिखने लगते हैं.दूसरे ट्राइमेस्टर के इस हफ़्ते में जो (14 week pregnancy symptoms in Hindi) लक्षण होते हैं उनमें मुख्य हैं,
मतली से राहत मिलती है, लेकिन कुछ महिलाओं को पीठ दर्द या नाक बंद होने का अनुभव हो सकता है.
पेट का आकार स्पष्ट रूप से चौड़ा होना शुरू हो जाता है और बेबी बंप अधिक साफ़ हो जाता है.
एनर्जी लेवल में सुधार होता है.
कुल मिलाकर, 14वां सप्ताह अक्सर गर्भावस्था की यात्रा में एक आरामदायक स्थिति ले कर आता है.
इस हफ़्ते में फीटस बाहरी प्रकाश को महसूस करना शुरू कर देता है और उसका शरीर अधिक सुडौल होने लगता है.इस स्टेज पर कुछ नए लक्षण (15 week pregnancy symptoms in Hindi) दिख सकते हैं; जैसे-
माँ की ऊर्जा का स्तर बढ़ता रहता है और बेबी बंप और अधिक स्पष्ट होने लगता है.
कुछ महिलाओं के स्किन कलर में परिवर्तन और लिनिया नाइग्रा का रंग काला पड़ने लगता है.
फीटस के विकास के साथ -साथ भूख का बढ़ना और इस वजह से धीरे-धीरे वज़न का बढना भी एक कॉमन लक्षण है.
सोलहवें हफ़्ते में शिशु के मस्तिष्क का तेजी से विकास होता है, और बच्चे में निगलने की क्षमता विकसित हो जाती है.इस समय जो ख़ास (12 week pregnancy symptoms in Hindi) लक्षण होते हैं वो हैं,
गर्भपात का खतरा काफी कम हो जाता है.
भूख बढ़ना और साथ ही वज़न बढ़ना सामान्य है।
बेबी बंप का साफ़ -साफ़ दिखाई देना.
कुछ महिलाओं को फीटस की पहली हलचल महसूस होने लगती है।
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अब जबकि माँ अपने अंदर पल रहे नए जीवन को अधिक स्पष्ट रूप से महसूस कर रही हैं, उसके लिए ये ज़रूरी है कि वह ख़ुद को मानसिक रूप से खुश रखे और सही आहार-विहार अपनाए जिससे होने वाले बच्चे को समुचित पोषण मिलता रहे और उसके उचित विकास में रुकावट ना आए. आप डॉक्टर की सलाह से ज़रूरी विटामिन्स भी ले सकती हैं साथ ही किसी भी समय कुछ असामान्य लक्षण दिखने पर तुरंत अपने डॉक्टर से मिलना चाहिए.
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Hello friends... Dr ne mujhe bola he 12 april se 15 april tak delivery ho jani chahiye baki bache ko prblm ho sakti he... Par bache ne head niche fix hi nai kra to bachedani ka muh kese khule.. apme koi he jiski sath ye prblm hui ho...!!
Hello mom's mera 6 month chsl rha h kl maine thoda wajan utha liya tha tkriban 10 kg k lgbhg to ky mere bachche ko koi problem to nhi n hogi
Hello moms meri delivery ko 4 month ho gye h mujhe feb me halki bleeding hui thi march me nahi hui fir april me start ho gaye kya ye normal h plzzz reply me
Hello sisters please meri ultrasound report dekhkar bataiye ki sab Kuch hai .... our meri pregnancy ko kitne din ho gay me bahut confused Hu ....mere hisaab se 7th month abhi start hua hai doctor ne Bola hai ki 7 month complete hone wala hai ..... please help me
Hlw mom's Mera baby rat bilkul bhi nahi sota aur din m sota h kyaa kru bhot rota h
Your body needs extra nutrition this trimester - these can help.




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