


Breastfeeding & Lactation
20 January 2026 को अपडेट किया गया
निप्पल शील्ड एक ब्रेस्टफ़ीडिंग (nipple shield breastfeeding in hindi) एक्सेसरी (breastfeeding accessory) है जिसे स्तनपान संबंधी दिक्कतों के लिए बनाया गया है. इसे माँ की ब्रेस्ट के बीच के काले भाग एरोला (areola) के ऊपर लगाया जाता है. यह एक पतले और लचीले सिलिकॉन से बनी होती है जिसका खोखला टिप निप्पल जैसा होता है. इसे बच्चा आसानी से अपने मुँह में ले लेता है. निप्पल शील्ड से लैचिंग की प्रॉब्लम में काफ़ी मदद मिलती है.
ब्रेस्टफ़ीडिंग से जुड़ी कई सारी दिक्कतों में निप्पल शील्ड का प्रयोग किया जा सकता है; जैसे कि-
फ्लैट निपल्स (Flat or inverted nipples): फ्लैट या उल्टे निपल्स में बच्चा स्तन पर ग्रिप नहीं बना पाता और ऐसे में निप्पल शील्ड्स निप्पल को बाहर निकालने में मदद करती हैं ताकि बच्चा ब्रेस्टफ़ीड ले पाए.
कटे-फटे निपल्स (Sore or cracked nipples): निप्पल शील्ड से स्किन पर सीधे कांटेक्ट नहीं होता है और कटे-फटे निपल्स की हीलिंग जल्दी होती है.
प्री मैच्योर बच्चों के लिए (Premature or small babies): प्री मैच्योर जब स्तन पर ग्रिप नहीं बना पाते तो निप्पल शील्ड से उन्हें बेहतर लैचिंग और पर्याप्त दूध पीने में मदद मिलती है.
कमज़ोर सक्शन वाले बच्चे (Babies with poor suction): कुछ शिशुओं में सक्शन ठीक से नहीं हो पाता है, जिससे उनके लिए ब्रेस्ट से दूध निकालना मुश्किल भरा हो जाता है. निप्पल शील्ड से बच्चे को सक्शन में भी हेल्प मिलती है.
बोतल से ब्रेस्ट ट्रांज़िशन (Transitioning from bottle to breast): निप्पल शील्ड उन बच्चों के लिए भी काम आती है जो आर्टिफिशियलनिप्पल के आदी हो जाते हैं. इससे उन्हें ब्रेस्टफीड की आदत डालन आसान होता है.
आगे आपको बताएँगे निप्पल शील्ड कितने तरह की होती हैं.
मार्केट में कई तरह की निप्पल शील्ड उपलब्ध हैं; जैसे कि-
स्टैंडर्ड निप्पल शील्ड (Standard Nipple Shield): सबसे अधिक इस्तेमाल की जाने वाली ये शील्ड गोल आकार की होती है जिसमें बच्चे के लिए ब्रेस्टफ़ीडिंग आसान हो जाती है.
पतली सिलिकॉन निप्पल शील्ड (Thin Silicone Nipple Shield): ये पतली सिलिकॉन से बनी होती हैं, जो नेचुरल ब्रेस्ट की बनावट और लचीलेपन जैसा एहसास कराती हैं.
कोंटूर्ड निप्पल शील्ड (Contoured Nipple Shield): कोंटूर्ड निप्पल शील्ड्स अधिक एर्गोनोमिक शेप की होती हैं जिसके ब्रेस्ट के जैसे प्राकृतिक कर्व का आकार होने के कारण बच्चे को लैचिंग में ज़्यादा सहूलियत मिलती है.
कट-आउट निप्पल शील्ड्स (Cut Out Nipple Shield): कट-आउट निप्पल शील्ड्स में निप्पल एरिया के एक हिस्से को हटा दिया जाता है ताकि बच्चे के मुँह और ब्रेस्ट के बीच में स्किन कांटेक्ट हो सके.
आइये, अब जानते हैं कि निप्पल शील्ड का इस्तेमाल (nipple shield how to use in hindi) कैसे करना चाहिए.
उपयोग से पहले अपने दोनों हाथों को साबुन और गर्म पानी से अच्छी तरह धोएँ और दिये गए इन्सट्रक्शन के अनुसार निप्पल शील्ड को साफ़ करें.
अपने अंगूठे और तर्जनी से निप्पल शील्ड को पकड़ें और टिप को ऊपर की ओर रखते हुए शील्ड को अपने निप्पल और एरोला के ऊपर सेट करें.
अब धीरे से बच्चे को ब्रेस्ट के करीब लाएँ, जिससे वह अपना मुँह पूरा खोल सके.
अब निप्पल शील्ड को उसके मुँह में ले जाएँ जिससे शील्ड का सामने का हिस्सा अच्छे से उसके मुँह के अंदर चला जाए.
बच्चे को चूसने में मदद के लिए शील्ड को हल्के से दबा कर मिल्क फ्लो को बढ़ाएँ.
अगर बच्चा असहज लगे तो उसके मुँह के कोने में एक साफ़ उंगली डालकर सक्शन तोड़ दें और दोबारा लैचिंग कराएँ.
दूध पिलाने के बाद, अपने बच्चे को डकार दिलाना ना भूलें.
निप्पल शील्ड के इस्तेमाल का तरीक़ा (how to use nipple shield in hindi) जानने के बाद अब समझेंगे कि निप्पल शील्ड कैसे काम करती है.
जैसा कि हम जान गए हैं, निप्पल शील्ड स्तनपान के दौरान माँ के निप्पल और बच्चे के मुँह के बीच में एक बैरियर का काम करती है जिससे
फ्लैट या उल्टे निपल्स होने पर माँ के निप्पल को बाहर निकालने में मदद मिलती है और बच्चे के लिए स्तन को पकड़ना आसान हो जाता है.
इसके प्रयोग से बच्चे को लैचिंग में मदद मिलती है.
निप्पल शील्ड कटी-फटी स्किन वाले निपल्स के लिए एक कवर की तरह काम करता है जिससे त्वचा की हीलिंग होती है.
जहाँ बच्चे को दूध निकालने में दिक्कत आ रही हो वहाँ निप्पल शील्ड मिल्क ट्रांसफर में मदद करती है. इससे बेहतर सील बनती है और बच्चे की चूसने की क्षमता विकसित होती है.
स्पेशल ब्रेस्टफ़ीडिंग जरूरतों में निप्पल शील्ड को कई तरह से प्रयोग (usages of nipple shield in hindi) किया जा सकता है; जैसे कि -
बेहतर लैचिंग (Improved Latch): फ्लैट या उल्टे निपल्स में, निप्पल शील्ड से एक बेहतर लैच बनता है.
दर्द से राहत (Pain Relief): निपल्स में दर्द या कैक्स होने पर निप्पल शील्ड डिसकंफर्ट को कम करती है और हीलिंग में मदद मिलती है.
बेहतर मिल्क ट्रांसफर (Enhanced Milk Transfer): उन बच्चों को जिन्हें ठीक से चूसना नहीं आता उन्हें इसके प्रयोग से मिल्क ट्रांसफर में हेल्प मिलती है.
निप्पल से ब्रेस्ट ट्रांज़िशन: निप्पल शील्ड के प्रयोग से आर्टिफ़िशियल निप्पल की आदत वाले बच्चों को ब्रेस्टफ़ीडिंग की तरफ ले जाने में भी आसानी होती है.
निप्पल शील्ड के इतने सारे फ़ायदे जानने के बाद शायद आप ये भी जानना चाहेंगे कि क्या इसके प्रयोग के कुछ नुक़सान भी हैं?
निप्पल शील्ड के साथ अगर शिशु ब्रेस्ट को ठीक तरह से स्टिम्युलेट नहीं कर पाता तो इससे मिल्क प्रोडक्शन में कमी आ सकती है.
निप्पल शील्ड एक टेम्प्रेरी सॉल्यूशन है और बच्चे को कई बार इसकी आदत पड़ जाती है जिससे फिर सीधे ब्रेस्टफीड कराना मुश्किल हो जाता है.
इसके प्रयोग के साथ माँ और बच्चे दोनों के लिए ब्रेस्टफीड की प्राकृतिक अनुभूति में कमी आती है. साथ ही मिल्क फ्लो कम या इरेगुलर भी हो सकता है.
कई बार ग़लत तरीक़े से यूज़ करने या ख़राब फिटिंग वाली निप्पल शील्ड से ब्रेस्टफ़ीडिंग में अनावश्यक दिक्कतें पैदा हो सकती हैं.
उपयोग करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें.
सही साइज़ और शेप की निप्पल शील्ड का ही प्रयोग करें.
ब्रेस्ट पर इसे सही ढंग से रखें और टिप को निप्पल के ऊपर सेट करें.
उपयोग करते हुए मिल्क ट्रांसफर पर बराबर नज़र बनाए रखें.
निप्पल शील्ड के साथ बच्चे की लैचिंग ठीक होने के बाद उसे सीधे ब्रेस्टफीड की आदत डालें.
अगर ब्रेस्ट की स्किन में घाव, कट या इन्फेक्शन के लक्षण दिखाई दें तो डॉक्टर की सलाह लें.
यूज़ करने के बाद दिये गए इन्सट्रक्शन के अनुसार गर्म पानी और हल्के साबुन से निप्पल शील्ड को साफ़ करें. फिर इसे स्टरलाइज़र या पानी में उबाल कर जर्म्स फ्री कर लें. अगले उपयोग तक इसे साफ़ और सूखी जगह पर रखें.
निप्पल शील्ड बच्चे को ब्रेस्टफ़ीड कराने का एक अस्थाई उपाय है और इसके प्रयोग के साथ धीरे -धीरे बच्चे को नॉर्मल तरीक़े से स्तनपान की आदत डालने का प्रयास करना चाहिए. लंबे समय तक इसके प्रयोग से बच्चे को पेसिफायर की तरह इसकी आदत पड़ सकती है जो उसके लिए ठीक नहीं है.
1. Chow S, Chow R, Popovic M, Lam H, Merrick J, et al. (2015). The Use of Nipple Shields: A Review.
2. Kronborg H, Foverskov E, Nilsson I, Maastrup R. (2017). Why do mothers use nipple shields and how does this influence duration of exclusive breastfeeding?
3.Coentro VS, Perrella SL, Lai CT, Rea A, Murray K, Geddes DT. (2021). Impact of Nipple Shield Use on Milk Transfer and Maternal Nipple Pain.
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Kavita Uprety
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