


Diapering
19 January 2026 को अपडेट किया गया
बच्चों के डिस्पोज़बल डायपर porous film से बने होते हैं जिसमें वुड पल्प, प्लास्टिक (अब अधिकांश डायपर में SAP होता है), टिशू पेपर और पॉलिएस्टर, नॉन-वूवन कपड़ा लगा होता है. पॉलीथीन, पॉलीप्रोपाइलीन, अधेसिव, और हुक टेप आदि की बनी होती है. लंबे समय तक गीला डायपर पहनने से बच्चे को रैशेज हो सकते हैं.
नए माता-पिता होने के नाते, ऐसी बहुत सी बातें हैं जो आपको परेशान करती हैं और इनमें से सबसे मुश्किल है बच्चे का डायपर बदलना. नए माता-पिता, हालाँकि डॉल्स और सॉफ्ट टॉय पर डिस्पोजेबल डायपर बदलने की प्रैक्टिस करते हैं. इसमें कोई शक नहीं कि बच्चों का डायपर बदलना बहुत मुश्किल काम हो सकता है क्योंकि बच्चे चार महीने के होते ही घूमना फिरना शुरू कर देते हैं.
याद रखिएगा कि छोटे बच्चे अपने जीवन के शुरुआती दिनों में, एक दिन में 10-20 बार पेशाब करते हैं, और लगभग 4 बार potty करते हैं. ऐसा इसलिए है क्योंकि वह 6 महीने तक केवल अपनी मां का दूध पीते हैं. बड़े बच्चे का डायपर 6-8 बार बदलना चाहिए.
छोटे बच्चों का डायपर दिन में 2-3 घंटे बाद बदलना चाहिए.
डिस्पोज़बल डायपर को सोने के पहले बदलना चाहिए ताकी बच्चा चैन की नींद ले सके और हेवी डायपर की वजह से हुए रैशेज होने से बच सकें.
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बच्चों का डायपर बार-बार बदलने की जरूरत होती है. इनकी त्वचा बहुत नाजुक होती है, इसलिए डायपर गीला होते ही बदल लेना चाहिए. गीला रहने से रैशेज हो सकते हैं. जब ऐसा होता है, तो जांघ, प्राइवेट पार्ट्स और बम्स के पास त्वचा लाल और रूखी दिखाई देती है. हो सकता है डायपर बदलने के समय बच्चा परेशान करेगा. यह आमतौर पर घरेलू उपचार की तरह जैसे हवा में सुखाने, मलहम और डिस्पोजेबल डायपर के बार-बार बदलने से खुद ब खुद ठीक हो जाते हैं.
निम्नलिखित कारणों से रैशेज हो सकते हैं:
अगर घरेलू नुस्खों से त्वचा नहीं ठीक होती, तो अब समय है डॉक्टर के पास जाने का. इन संकेतों पर नज़र डालें:
1. डायपर कई आकार में उपलब्ध होते हैं. अलग-अलग डायपर के साथ एक्सपेरिमेंट करके नए माता-पिता को देखना चाहिए कि उनके बच्चे के लिए कौन सा डायपर बेहतर है. डिस्पोज़बल डायपर के लाभ भी है तो नुकसान भी, जैसे कि कोस्ट, सस्टैनिबिलिटी, और सुविधा इत्यादि.
2. कपड़े के डायपर एक बहुत अच्छा विकल्प हैं. लेकिन इसके उपयोग करने से पहले इनकी सफाई और स्टरलाइज़ करने में बहुत समय लगता है. इन्हें मशीन में 60 डिग्री सेल्सियस पर धोया जा सकता है.
3. बच्चों के रीयूज़ेबल डायपर के अंदर लाइनर (कपड़ा) लगाना ना भूलें.
4. बच्चों इनमें आरामदायक महसूस करते हैं. उन्हें लंबे समय तक नहीं पहना जा सकता और बहुत जल्दी बदलना पड़ता है. अगर बच्चे को बार बार रैशेज हो जाते हैं तो नाज़ुक मसलीन कपड़ा उनके लिए एक बहुत ही बढ़िया विकल्प रहेगा.
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नए माता-पिता होने के नाते, डायपर बदलना बहुत मुश्किल काम हो सकता है. इसमें कोई नियम कानून नहीं है; समय के साथ आप भी सीख जाएंगे. हर बच्चा अलग होता है, और मां-बाप के लिए अपने बच्चे के रूटीन और उसके डायपर बदलने के समय के बारे में जानना बहुत आवश्यक है. इस प्रक्रिया को डायपर चेंज चार्ट के माध्यम से और भी सुधारा जा सकता है.
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Written by
Priyanka Verma
Priyanka is an experienced editor & content writer with great attention to detail. Mother to an 11-year-old, she's a ski
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