


Food Cravings
10 August 2023 को अपडेट किया गया
प्रेग्नेंसी के दौरान, एक महिला को किस तरह के खाने का सेवन करना चाहिए, इसको लेकर ज्यादा सतर्कता बरती जानी चाहिए। क्योंकि वो जो भी खाना खाएगी, उसका असर बच्चे के विकास पर पड़ेगा। अक्सर, गर्भवती महिलाओं को खास तरह के खाने का सेवन करने का मन करता है। ये तीखा, नमकीन, कड़वा या मीठा हो सकता है। हर गर्भवती महिला के लिए ये पसंद अलग-अलग हो सकती है।
मीठे के शौकीन लोग डेजर्ट खाना चाहते हैं, इस वजह से वो केक और पेस्ट्री को पसंद करते हैं। इसलिए प्रेग्नेंसी के दौरान जिन महिलाओं को अक्सर केक खाने का मन करता है, उन्हें इसके बच्चे के स्वास्थ्य पर होने वाले असर के बारे में जरूर पता होना चाहिए।
प्रेग्नेंसी में केक खाने के कोई नुकसान नहीं हैं। हालांकि, प्रेग्नेंसी के दौरान बहुत ज्यादा केक ना खाने की सलाह दी जाती है। गर्भवती महिला को अपने स्वास्थ्य के बारे में सामान्य से ज्यादा सतर्क रहना चाहिए। उनको खुद और बच्चे के स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए सावधानी भी बरतनी चाहिए। कहने का तात्पर्य ये है कि प्रेग्नेंसी में केक के कुछ स्लाइस खाने का ना ही बच्चे पर बुरा असर होता है और ना ही मां पर।
डेजर्ट जैसे केक ज्यादा कैलोरी वाले फ़ूड होते हैं जिनमें पोषण बेहद कम मिलता है। इनको रिफाइंड शुगर, सैचुरेटेड फैट और आटे से बनाया जाता है। ज्यादा शुगर गर्भवती महिलाओं में गेस्टेशनल डायबिटिज की वजह बन सकती है। हालांकि, अगर ये सवाल पूछा जाए कि गर्भवती महिलाएं केक खा सकती हैं? तो जवाब ये है कि प्रेग्नेंसी में ज्यादा केक खाना उतना ही नुकसानदायक हो सकता है, जितना जीवन के किसी और पड़ाव पर।
गर्भावस्था में महिला को अत्यधिक केक खाने से बचना चाहिए क्योंकि इसकी वजह से स्वास्थ्य से जुड़ी दिक्कतें हो सकती हैं। स्वास्थ्य सलाहकारों ने प्रेग्नेंसी के दौरान केक खाने से जुड़े संभावित खतरों के बारे में बताया है, जो कि निम्न हैं:
प्रेग्नेंसी वो समय होता है, जब महिलाओं का वजन जल्दी-जल्दी बढ़ता है। ऐसा बच्चे में विकास और प्रेग्नेंसी के बाद के दिनों में होने वाली सूजन की वजह से होता है।
केक और डेजर्ट खाने से वजन जल्दी-जल्दी बढ़ता है। ज्यादातर स्वास्थ्य सलाहकार प्रेग्नेंसी के दौरान जरूरत से ज्यादा केक और मीठा खाने से मना करते हैं क्योंकि इनमें कैलोरी ज्यादा होती है और पोषण कम होता है।
इसके अलावा कुछ केक में मीठे की जगह सैक्रीन होता है। इस केमिकल की वजह से वजन तो बढ़ता ही है भ्रूण को भी नुकसान होता है।
प्रेगेनेंसी के दौरान महिला की रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी कमजोर हो जाती है जिसकी वजह से उन्हें संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है। गंदे बर्तन और कुकिंग अपलाइंसेज की वजह से कई बार केक बैटर बैक्टीरिया के लिए प्रजनन की जगह बन जाता है। बल्कि घर पर बने केक में भी ई.कोली या टोक्सोप्लाज्मा जैसे बैक्टीरिया हो सकते हैं।
कई सारे बेकरी केक और केक मिक्स में नुकसानदायक तत्व जैसे टेस्ट इन्हैंसर, फ्लेवर और प्रिजर्वेटिव शामिल होते हैं। ये सभी सामग्री मां और बच्चे को नुकसान पहुंचा सकती हैं और यही अच्छा होगा कि इसे न खाया जाए।
क्या गर्भवती महिला केक खा सकती है? जवाब हां है। हालांकि, किसी को भी कम से कम चीनी और रिफाइंड फ्लोर वाला केक ही खाना चाहिए। जिस तरह के केक प्रेग्नेंसी के दौरान खाए जा सकते हैं, उनमें शामिल हैं:
एंजल फ़ूड केक (Angel food cake): इस केक में किसी भी तरह का फैट जैसे मक्खन नहीं होता है। और इसको प्रेग्नेंसी के दौरान जब मीठा खाने का मन करे तो खाया जा सकता है। हालांकि, अगर गर्भावस्था के दौरान होने वाली डायबिटीज हो तब ये नहीं खाया जाना चाहिए।
डार्क चॉकलेट केक (Dark chocolate cake): डार्क चॉकलेट केक में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो गर्भवती महिला के लिए फायदेमंद होते हैं। वो इस केक के छोटे टुकड़े खा सकती हैं। हालांकि, आपको ये सुनिश्चित करना होगा कि डार्क चॉकलेट केक में एल्कोहल न हो।।
हां, प्रेग्नेंसी के दौरान चॉकलेट केक खाया जा सकता है। हालांकि, ये सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि इसको कम ही खाया जाए। ये भी ध्यान रखा जा सकता है कि केक में ज्यादा शुगर या प्रिजर्वेटिव न हों जो बच्चे या मां को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
हां, प्रेग्नेंसी के दौरान गर्भवती महिलाओं को केक खाने का मन करना सामान्य है। अगर महिलाओं को मीठा खाना पसंद है तो उनके साथ ऐसा ज्यादा हो सकता है।
Yes
No

Written by
Parul Sachdeva
A globetrotter and a blogger by passion, Parul loves writing content. She has done M.Phil. in Journalism and Mass Communication and worked for more than 25 clients across Globe with a 100% job success rate. She has been associated with websites pertaining to parenting, travel, food, health & fitness and has also created SEO rich content for a variety of topics.
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