
नेशनल हेल्थ पोर्टल ऑफ़ इंडिया में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में लगभग 10-15% दंपत्तियों को इनफ़र्टिलिटी की शिकायत है. आम धारणा के उलट, महिला और पुरुष दोनों को इनफ़र्टिलिटी की शिकायत हो सकती है.
इस ब्लॉग में महिलाओं और पुरुषों में इनफ़र्टिलिटी के 5 कारण बताए जा रहे हैं, साथ ही यह भी बताया जा रहा है कि सही उपचार से इसे कैसे ठीक किया जा सकता है और क्या है फ़र्टिलिटी बूस्टिंग डाएट प्लान.
महिलाओं और पुरुषों में इनफ़र्टिलिटी के 5 कारण
महिलाओं और पुरुषों में इनफ़र्टिलिटी के कई कारण हो सकते हैं. उनमें से कुछ यहां बताए गए हैं:
1.उम्र
जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती जाती है, हमारे शरीर में कई तरह के बदलाव आते हैं. इससे फ़र्टिलिटी पर असर पड़ता है. महिलाओं की इनफ़र्टिलिटी में उम्र का बड़ा योगदान होता है- उनके 35 साल के होने के बाद गर्भधारण की संभावनाएं घटती जाती हैं. पुरुषों की उम्र भी उनकी फ़र्टिलिटी को प्रभावित करती है. हालांकि, यह कारण उनके लिए इतना बड़ा नहीं होता है जितना महिलाओं के लिए होता है.
2.तनाव
तनाव का पुरुष और महिला दोनों की फ़र्टिलिटी पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है. यह महिलाओं के मासिक चक्र और पुरुषों के शुक्राणुओं की संख्या को प्रभावित करता है.
3.वजन
वजन ज्यादा होना या कम होना, दोनों स्थितियां फ़र्टिलिटी को प्रभावित करती हैं. वजन ज्यादा होने से हॉर्मोन की समस्याएं होने लगती हैं, जिससे ओव्यूलेशन प्रभावित होता है. गर्भधारण के लिए फ़र्टिलिटी बूस्टिंग डाइट प्लान से सही पोषण मिलता है जिससे गर्भधारण करना आसान हो सकता है.
4.दूसरी बीमारियां
कई तरह की दूसरी बीमारियों से भी फ़र्टिलिटी पर असर पड़ता है. जैसे, पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) , एंड्रोमेट्रिओसिस और युटेरियन फ़ाइब्रोएड.
5.जीवनशैली
जीवनशैली की कुछ आदतें प्रजनन तंत्र के लिए नुकसानदेह होती हैं. उहादरण के तौर पर धूम्रपान. यह महिला और पुरुष दोनों की प्रजनन क्षमता कम कर देता है. यह महिला के अंडाणुओं को नुकसान पहुंचाता है और पुरुषों के शुक्राणुओं की संख्या कम कर देता है.
पुरुषों में इनफ़र्टिलिटी के सबसे बेहतरीन उपचार
बात जब फ़र्टिलिटी उपचार की हो, तब महिला और पुरुष दोनों अक्सर एक जैसे उपचार से होकर ही गुजरते हैं, लेकिन कुछ खास उपचार केवल पुरुषों के लिए होते हैं. इनमें से कुछ नीचे दिए गए हैं :
· पुरुषों में, सबसे आम फ़र्टिलिटी उपचार है टेस्टोस्टेरॉन थेरेपी. यह उपचार शुक्राणुओें के बनने और उनकी गतिशीलता को बेहतर करता है. ये दोनों ही फ़र्टिलिटी के लिए बेहद जरूरी हैं. कुछ मामलों में दूसरे फ़र्टिलिटी उपचारों के साथ टेस्टोस्टेरॉन थेरेपी दी जाती है, जैसे इन विट्रो फ़र्टिलाइज़ेशन (आईवीएफ़).
· पुरुषो के अन्य फ़र्टिलिटी उपचार इस प्रकार हैं:
o ह्यूमन कोरियोनिक गोनाडोट्रोपिन (एचसीजी) थेरेपी- यह उपचार शुक्राणुओं के बनने की प्रक्रिया को बेहतर करता है.
o इंट्रायुटेराइन इंसेमिनेश (आईयूआई) - इस तकनीक में पुरुषों के शुक्राणु सीधा महिला के गर्भ में रखे जाते हैं.
· फ़र्टिलिटी संबंधी ज्यादा गंभीर समस्या के लिए ज्यादा उन्नत फ़र्टिलिटी उपचार मौजूद हैं, जैसे स्पर्म रिट्रीवल तकनीक, और इंट्रासाइटोप्लाज्मिक स्पर्म इंजेक्शन (आईसीएसआई). स्थिति को देखते हुए, ये तकनीक अकेले या मिले जुले तरीके से इस्तेमाल की जाती है.
महिलाओं में इनफ़र्टिलिटी के उपचार
यहां पर कुछ सबसे बेहतरीन उपचार बताए गए हैं जो महिलाओं की इनफ़र्टिलिटी को दूर करने में कारगर हैं:
· इन विट्र फ़र्टिलाइजेशन (आईवीएफ़) एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें पहले शरीर के बाहर अंडों को शुक्राणुओं से फ़र्टिलाइज किया जाता है, और फिर उसे गर्भाशय मे रख दिया जाता है.
· इंट्रासाइटोप्लाज़मिक स्पर्म इंजेक्शन (आईसीएसआई) आईवीएफ़ का ही एक रूप है जिसमें एक एक शुक्राणु को हर अंडे में डाला जाता है. आईसीएसआई ज्यादातर उन मामलों में इस्तेमाल किया जाता है जब समस्या शुक्राणओं के साथ होती है. ओवोल्यूशन बेहतर करने के लिए फ़र्टिलिटी दवाओं का इस्तेमाल भी किया जा सकता है.
· कुछ मामलों में, प्रजनन अंगों को ठीक करने के लिए कभी कभी सर्जरी की जरूरत भी पड़ती है, जैसे, फैलोपियन ट्यूब से ब्लॉकेज हटाने के लिए या एंडोमेट्रिऑसिस के उपचार के लिए.
· इसके अलावा, जीवनशैली में कुछ परिवर्तन भी फ़र्टिलिटी सुधारने में मदद करते हैं. उदाहरण के तौर पर, धूम्रपान छोड़ना, वजन नियंत्रित रखना, अंडाणुओं की गुणवत्ता बेहतर करने के लिए फ़र्टिलिटी डाएट प्लान का पालन करना और फ़र्टिलिटी बेहतर करने के लिए तनाव कम करना.
आखिर में : फ़र्टिलिटी बूस्टिंग डाइट प्लान का महत्व
फ़र्टिलिटी बूस्टिंग डाइट प्लान महिलाओं और पुरुषों को प्रजनन के लिए जरूरी पोषण देकर फ़र्टिलिटी सुधारने में उनकी मदद करता है. यहां कुछ पोषक तत्वों के बारे में बताया गया है जो फ़र्टिलिटी सुधारने के लिए खास तौर पर जरूरी हैं:
· ओमेगा-3 फ़ैटी ऐसिड फ़र्टिलिटी के लिए जरूरी हैं क्योंकि यह हॉर्मोन को संतुलित करते हैं. इन्हें सालमन, अखरोट, अलसी के तेल से पाया सकता है.
· फ़ोलेट एक ऐसा पोषण है जो कोजेनिटल डिसएबिलिटी से बचाता है. यह हरी पत्तेदार सब्जियों, फलियों, और खमीरयुक्त भोजन में पाया जाता है.
· विटामिन डी फ़र्टिलिटी के लिए आवश्यक है क्योंकि इससे मासिक चक्र दुरुस्त रहता है. यह फ़ॉर्टिफ़ाइड दूध, फ़ैटी फ़िश और अंडे की जर्दी में मिलता है.
अगर आप अपनी फ़र्टिलिटी बढ़ाना चाहते हैं, तो आपको पौष्टिक खाना खाने पर खास ध्यान देना चाहिए. अपने फ़र्टिलिटी डाएट प्लान में ओमेगा-3 फ़ैटी ऐसिड, फ़ोलेट और विटामिन डी को अधिक मात्रा में शामिल करें. इसके लिए आप सालमन, हरी पत्तेदार सब्जियों और फ़ोर्टीफ़ाएड दूध को अपने भोजन का हिस्सा बना सकते हैं. संभवत: इससे आपकी फ़र्टिलिटी धीरे धीरे दुरुस्त हो जाएगी.
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Influenza and boostrix injection kisiko laga hai kya 8 month pregnancy me and q lagta hai ye plz reply me
Hai.... My last period was in feb 24. I tested in 40 th day morning 3:30 .. That is faint line .. I conculed mylo thz app also.... And I asked tha dr wait for 3 to 5 days ... Im also waiting ... Then I test today 4:15 test is sooooo faint ... And I feel in ma body no pregnancy symptoms. What can I do .
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