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25 February 2026 को अपडेट किया गया
यूँ तो अश्वगंधा के कई फ़ायदे हैं, लेकिन फर्टिलिटी में सुधार करने के लिए इसे एक वरदान की तरह माना जाता है. यह महिला और पुरुषों दोनों के लिए अद्भुत तरीक़े से काम करता है. वैसे, आज के समय में हम जिस तरह की डाइट और लाइफस्टाइल को फॉलो कर रहे हैं, उससे फिट रहना थोड़ा मुश्किल है. इसी का नतीजा यह है कि आजकल लोगों को थायराइड (Thyroid), पीसीओएस/पीसीओडी (PCOS/PCOD), डिप्रेशन (Depression), हार्मोन्स असंतुलन (Hormones imbalance) जैसी समस्याएँ हो रही हैं, और इनका सीधा असर प्रजनन क्षमता यानी कि फर्टिलिटी पर पड़ता है. चलिए इस आर्टिकल के ज़रिये जानते हैं कि अश्वगंधा कैसे फर्टिलिटी में सुधार करता है.
अश्वगंधा एक ऐसी जड़ी-बूटी है, इसका इस्तेमाल प्राचीन समय से होता आ रहा है. इसे इंडियन जिनसेंग और इंडियन विंटर चेरी भी कहा जाता है. वहीं साइंटिफिक भाषा में इसे विथानिया सोम्निफेरा (Withania somnifera) नाम से जाना जाता है. इसका पौधा 35-75 सेमी लंबा होता है. इसकी खेती मुख्य रूप से भारत के सूखे इलाकों; जैसे- मध्यप्रदेश, पंजाब, राजस्थान और गुजरात में होती है. हालाँकि, इसे चीन और नेपाल जैसे देशों में भी उगाया जाता है. भारत में इसकी दो प्रजातियां और विश्वभर में इसकी 23 प्रजातियां पाई जाती हैं. इस औषधि से चूर्ण, पाउडर और कैप्सूल बनाये जाते हैं.
अश्वगंधा एंटीऑक्सीडेंट, एंटीइंफ्लेमेटरी, एंटी स्ट्रेस और एंटीबैक्टीरियल एजेंट गुणों से भरपूर होता है. अश्वगंधा महिलाओं के हार्मोन्स को संतुलित करता है, मासिक धर्म चक्र को नियमित करता है और रिप्रोडक्टिव अंगों में होने वाली सूजन को कम करता है. इस तरह यह महिलाओं की फर्टिलिटी में सुधार करता है.
महिलाओं में होने वाली इनफर्टिलिटी का एक कारण हार्मोन्स का अंसतुलित होना भी है, जिसका असर मासिक धर्म चक्र, ओव्यूलेशन और इम्प्लांटेशन पर होता है, जिसके कारण गर्भधारण में समस्या आती है. ऐसे में अश्वगंधा एक एडाप्टोजेनिक जड़ी बूटी होने के कारण हार्मोन को संतुलित करती है.
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पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (Polycystic ovary syndrome) और पीसीओडी पॉलीसिस्टिक ओवेरियन डिजीज (Polycystic ovarian disease) एक बहुत ही कॉमन समस्या है, जो यह अनियमित मासिक धर्म चक्र, इनफर्टिलिटी और अन्य हेल्थ संबंधित समस्याओं का कारण बन रही है. ऐसे में अश्वगंधा इंसुलिन सेंसिटिविटी में सुधार करता है, जिससे पीसीओएस के लक्षणों को मैनेज करने में मदद मिलती है.
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अश्वगंधा एंटीऑक्सीडेंट तत्वों से भरपूर होता है. ऐसे में यह थायराइड ग्रंथि के फंक्शन में सुधार करता है. नियमित रूप से इसका सेवन करने से थायराइड की समस्या को दूर किया जा सकता है. बता दें कि अगर समय रहते थायराइड की समस्या को कंट्रोल न किया जाये तो यह गर्भधारण को मुश्किल बना सकता है.
रिसर्च की मानें तो अश्वगंधा महिलाओं के सेक्शुअल फंक्शन में सुधार करता है. इससे सेक्स के प्रति रुचि बढ़ती है. इस तरह यह गर्भधारण में मदद मिलती है.
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अश्वगंधा स्ट्रेस हार्मोन कोर्टिसोल के लेवल को कम करता है, जिससे शरीर स्ट्रेस और एंग्जाइटी को कंट्रोल करने में मदद मिलती है. इसके साथ ही, अश्वगंधा महिलाओं को थकान और नींद की समस्या से भी राहत देता है.
अश्वगंधा से पुरुषों की फर्टिलिटी के लिए बहुत ही फ़ायदेमंद माना जाता है. इसके फ़ायदे कुछ इस प्रकार हैं-
आजकल कई पुरुषो स्पर्म काउंट की कमी का सामना कर रहे हैं, जिसके कारण उनका फैमिली प्लानिंग का सपना अधूरा रह जाता है. ऐसे में अश्वगंधा अद्भुत तरीक़े से काम करता है. अश्वगंधा का नियमित तौर पर सेवन करने से न सिर्फ़ स्पर्म काउंट बढ़ता है; बल्कि इससे स्पर्म की क्वालिटी में भी सुधार होता है.
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इनफर्टिलिटी की समस्या सिर्फ़ महिलाओं को ही नहीं; बल्कि पुरुषों को भी होती है. ऐसे में अश्वगंधा का सेवन पुरुषों के लिए बहुत ही फ़ायदेमंद हो सकता है. यह तनाव से भी राहत देता है.
टेस्टोस्टेरॉन लेवल कम होने से सेक्स के प्रति रुचि कम होने लगती है. इसका सीधा असर पुरुषों की सेक्स ड्राइव पर पड़ता है. ऐसे में अश्वगंधा टेस्टोस्टेरॉन लेवल को बढ़ाता है और उनकी सेक्स लाइफ को बेहतर बनाता है.
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अश्वगंधा एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होता है. इसके नियमित सेवन से शरीर से हर तरह के टॉक्सिन बाहर निकलते हैं और इस तरह मेटाबॉलिज्म में सुधार होता है. अश्वगंधा पुरुषों के शरीर से कमज़ोरी को दूर करता है. इससे उनकी सेक्स लाइफ में सुधार होता है.
बाज़ार में आपको अश्वगंधा का चूर्ण, कैप्सूल, चाय और रस आसानी से मिल जाएगा. अश्वगंधा चूर्ण की बात करें, तो इसका सेवन करना बहुत ही आसान है. आप इसे पानी, शहद या फिर घी में मिलाकर ले सकते हैं. आमतौर पर रात में सोने से पहले दूध के साथ इसे पीना फ़ायदेमंद होता है. इसके अलावा, इसे खाना खाने के बाद भी लिया जा सकता है. हालाँकि, अश्वगंधा का किसी भी प्रकार से सेवन करने से पहले एक बार अपने डॉक्टर से ज़रूर परामर्श कर लें.
उम्मीद है कि अब आप जान गए होंगे कि अश्वगंधा महिलाओं और पुरुषों की सेहत के लिए कितना फ़ायदेमंद साबित हो सकता है.
आजकल की डाइट और लाइफस्टाइल का असर महिला और पुरुषों दोनों की फर्टिलिटी पर होता है. इसके कारण उनका परिवार को पूरा करने का सपना मुश्किल हो जाता है. ऐसे में अश्वगंधा रामबाण की तरह काम करता है. अगर आप भी फर्टिलिटी से संबंधित समस्या से गुजर रहे हैं, तो आप एक बार इस पर विचार कर सकते हैं. हालाँकि, इसका सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर बात करें.
1. Agarwal A, Allan JJ. (2010) Antifertility effects of herbs: Need for responsible reporting.
2. Akbaribazm M, Goodarzi N, Rahimi M. (2021). Female infertility and herbal medicine: An overview of the new findings.
3. Nasimi Doost Azgomi R, Zomorrodi A, Nazemyieh H, Fazljou SMB, et al. (2018). Effects of Withania somnifera on Reproductive System: A Systematic Review of the Available Evidence.
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Written by
Shaveta Gupta
An expert in content marketing, Shaveta is an alumnus of IIT, Bombay, she knows what the audience is looking for. Mother of a 6 year old, she has been instrumental in planning the content strategy at Mylo.
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