
जब दिल्ली की रहने वाली 25 साल की प्रीति ने प्रेग्नेंसी टेस्ट स्ट्रिप पर दो पिंक लाइन देखी तो वह हैरान हो गई. प्रीति ने यह बात अपने पति ध्रुव को बताई. प्रीति के साथ ध्रुव भी इस बात को लेकर परेशान हो गया. दरअसल, प्रीति और ध्रुव दोनों ही इस समय बेबी के लिए तैयार नहीं थे. ध्रुव और प्रीति की तरह ऐसे कई कपल्स होते हैं, जो प्रेग्नेंसी के लिए तैयार नहीं होते हैं. उन्हें थोड़े वक़्त की ज़रूरत होती है. अगर आप भी उन्हीं कपल्स में से एक हैं, जो अभी बेबी की ज़िम्मेदारी नहीं लेना चाहते हैं और नेचुरल तरीके़ से प्रेग्नेंसी को रोकना चाहते हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए है. माइलो के इस आर्टिकल के ज़रिये जानें उन नेचुरल उपायों के बारे में जो अनचाही प्रेग्नेंसी को रोकने में मदद करते हैं.
जब बात प्रेग्नेंसी से बचने की आती है (Unwanted pregnancy meaning in Hindi), तो कपल्स के मन में सबसे पहले कॉन्डम का नाम आता है. कुछ कपल्स को ऐसा लगता कि वह सिर्फ़ कॉन्डम की मदद से प्रेग्नेंसी को रोक सकते हैं. जबकि ऐसा नहीं है. कॉन्डम के अलावा भी कई ऐसे तरीक़े होते हैं, जिनकी मदद से आप अनचाही प्रेग्नेंसी से बच सकते हैं. यहाँ हम आपको मुख्य उपायों के बारे में बताने जा रहे हैं;
रिदम मेथड को कैलेंडर मेथड के नाम से भी जाना जाता है. इस नेचुरल तरीक़े में एक महिला को अपने मासिक धर्म चक्र (Menstruation cycle) का ध्यान रखना होता है. पीरियड्स के दिनों से लेकर आपको अपनी लेंथ तक ध्यान देना होता है. इस मेथड की मदद से आप अपने फर्टाइल दिनों के बारे में जान सकते हैं. फर्टाइल दिनों में संबंध न बनाकर आप प्रेग्नेंसी को रोक सकते हैं. ध्यान रखें यह मेथड उन्हीं महिलाओं के लिए फ़ायदेमंद होती हैं, जिनके पीरियड्स नियमित होते हैं. अनियमित पीरियड्स होने की स्थिति में यह मेथड ठीक से काम नहीं करती है.
इस मेथड में महिला पार्टनर को अपने सर्वाइकल म्यूकस को मॉनिटर करना होता है. सर्वाइकल म्यूकस की मदद से फर्टाइल और नॉन- फर्टाइल दिनों के बारे में जाना जा सकता है. सर्वाइकल म्यूकस में बदलाव नज़र आने पर आपको अनप्रोटेक्टेड सेक्स (Unprotected sex) से बचना चाहिए.
अनचाही प्रेग्नेंसी से बचने के लिए आप बेसल बॉडी टेम्परेचर मेथड पर भी ग़ौर कर सकती हैं. आप डेली सुबह अपनी बॉडी के टेम्परेचर को चेक करें. टेम्परेचर में बदलाव महसूस होने पर संबंध बनाने से बचें. दरअसल, फर्टाइल दिनों में बॉडी का तापमान अन्य दिनों की तुलना में थोड़ा अधिक होता है.
इस मेथड में आपको बेसल बॉडी टेम्परेचर के साथ-साथ अन्य लक्षणों पर भी ग़ौर करना होता है; जैसे कि- सर्वाइकल म्यूकस में बदलाव और शारीरिक बदलाव.
इस मेथड को पुलिंग आउट मेथड के नाम से भी जाना जाता है. यह मेथड भी अनचाही प्रेग्नेंसी से रोकने में मदद करती है. इस मेथड में पुरुष पार्टनर इजेकुलेशन के समय पेनिस को वेजाइना से बाहर निकाल लेता है और जिससे स्पर्म डिस्चार्ज बाहर की ओर हो जाता है.
अनचाही प्रेग्नेंसी को रोकने के लिए आप ओव्यूलेशन टेस्ट किट की मदद भी ले सकते हैं. ओव्यूलेशन टेस्ट किट ल्यूटिनाइजिंग हार्मोन (एलएच) का स्तर पता लगाने में मदद करती है. बता दें कि ओव्यूलेशन के दिनों में शरीर में इस हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है.
जिन महिलाओं के पीरियड्स नियमित यानी कि 26 से 32 दिन के बीच होते हैं, वे इस मेथड को चुन सकते हैं. इस मेथड के दौरान आपको उन दिनों के बारे में पता चलता है, जब अनप्रोटेक्टेड सेक्स करने से प्रेग्नेंसी की संभावनाएँ बढ़ जाती हैं.
लैक्टेशन एमेनोरिया मेथड (एलएएम) उन स्तनपान (ब्रेस्टफ़ीडिंग) कराने वाली माताओं के लिए उपयुक्त है जिनका मासिक धर्म अभी तक फिर से शुरू नहीं हुआ है. दरअसल, एक्सक्लूसिव ब्रेस्टफ़ीडिंग के दौरान बॉडी ऐसे हार्मोन्स को रिलीज़ करती जो ओव्यूलेशन की प्रोसेस को दबा देते हैं. हालाँकि, यह मेथड डिलीवरी के मात्र 6 महीने तक ही काम करती है.
प्रेग्नेंसी को रोकने के लिए नेचुरल मेथड का उपयोग करने पर इस तरह के फ़ायदे होते हैं;
हार्मोनल गर्भनिरोधक और इनवेसिव प्रोसीजर की तुलना में प्रेग्नेंसी को रोकने वाले नेचुरल उपायों के कोई साइड इफेक्ट्स नहीं होते हैं.
नेचुरल फैमिली प्लानिंग मेथड में आपको कोई खर्चा करने की ज़रूरत नहीं होती है और अगर खर्च होता भी है, तो वह बहुत कम होता है.
बेसल बॉडी टेम्परेचर, सर्वाइकल म्यूकस और मासिक धर्म को ट्रैक करने जैसे फर्टिलिटी संकेतों की मदद से कपल्स अपनी रिप्रोडक्टिव हेल्थ को बेहतर तरीक़े से समझ पाते हैं. इसकी मदद से कपल्स हार्मोन्स असंतुलन और फर्टिलिटी से संबंधित अन्य समस्याओं को समय रहते पहचान पाते हैं.
नेचुरल उपायों की मदद से आप अपनी बॉडी को अच्छी तरह से समझ पाते हैं, जिसकी मदद से आपको दोनों ही केसेस में मदद मिलती है; जैसे- अगर आप फैमिली प्लानिंग के बारे में सोच रहे हैं, तो फर्टाइल दिनों में सेक्स करें. वहीं, अगर आप अनचाही प्रेग्नेंसी से बचना चाहते हैं, तो फर्टाइल दिनों में अनप्रोटेक्टेड सेक्स न करें.
नेचुरल उपाय प्रेग्नेंसी से बचने की 100% गारंटी नहीं देते हैं. नेचुरल उपायों केवल उसी स्थिति में आपकी मदद कर सकते हैं, जब आपको अपने पीरियड्स और ओव्यूलेशन चक्र की अच्छी तरह से समझ होती है.
1. Sung S, Abramovitz A. (2023). Natural Family Planning.
2. Jain R, Muralidhar S. (2011). Contraceptive methods: needs, options and utilization. J Obstet Gynaecol India. 2
Tags
Yes
No














Jyoti is a Hindi Content Writer who knows how to grip the audience with her compelling words. With an experience of more




Hello friends... Dr ne mujhe bola he 12 april se 15 april tak delivery ho jani chahiye baki bache ko prblm ho sakti he... Par bache ne head niche fix hi nai kra to bachedani ka muh kese khule.. apme koi he jiski sath ye prblm hui ho...!!
Hello mom's mera 6 month chsl rha h kl maine thoda wajan utha liya tha tkriban 10 kg k lgbhg to ky mere bachche ko koi problem to nhi n hogi
Hello moms meri delivery ko 4 month ho gye h mujhe feb me halki bleeding hui thi march me nahi hui fir april me start ho gaye kya ye normal h plzzz reply me
Hello sisters please meri ultrasound report dekhkar bataiye ki sab Kuch hai .... our meri pregnancy ko kitne din ho gay me bahut confused Hu ....mere hisaab se 7th month abhi start hua hai doctor ne Bola hai ki 7 month complete hone wala hai ..... please help me
Hlw mom's Mera baby rat bilkul bhi nahi sota aur din m sota h kyaa kru bhot rota h
Your body needs extra nutrition this trimester - these can help.





This content is for informational purposes only and should not replace professional medical advice. Consult with a physician or other health care professional if you have any concerns or questions about your health. If you rely on the information provided here, you do so solely at your own risk.

Mylo wins Forbes D2C Disruptor award

Mylo wins The Economic Times Promising Brands 2022
Baby Carrier | Baby Soap | Baby Wipes | Stretch Marks Cream | Baby Cream | Baby Shampoo | Baby Massage Oil | Baby Hair Oil | Stretch Marks Oil | Baby Body Wash | Baby Powder | Baby Lotion | Diaper Rash Cream | Newborn Diapers | Teether | Baby Kajal | Baby Diapers Pants | Cloth Diapers | Laundry Detergent | Lactation Granules |