

Baby Care
11 January 2026 को अपडेट किया गया
नये साल से न्यू मॉम्स को क्या है उम्मीद, क्या है करियर के प्रति उनकी महत्वाकांक्षाएं और कैसे रखना चाहती हैं वे अपने परिवार और काम के बीच संतुलन? इन सभी सवालों के जवाब जानने के लिए माइलो ने अपनी कम्युनिटी के साथ एक सर्वे किया, जिसके नतीजे साल के अंत में घोषित किए गए हैं. बता दें कि माइलो गर्भवती महिलाओं और नयी माँओं के लिए एक वन स्टॉप सॉल्यूशन है.
माइलो ने पूरे भारत में 2000 माँओं पर यह सर्वे किया है, जिनमें से 58% माँएँ 30 वर्ष से कम उम्र की हैं, और 79% महिलाएँ केवल एक बच्चे की माँ हैं.
हालाँकि, बड़े पैमाने पर टीकाकरण होने से भारतीय कंपनियों ने फुल टाइम ऑफ़िस वर्किंग शुरू कर दी है. लेकिन अभी भी महामारी से पहले जैसा माहौल मिलना थोड़ा मुश्किल है. अधिकतर (86%) भारतीय माँओं ने बताया कि वे 2023 में काम करना शुरू कर देंगी या फिर से शुरू करेंगी; हालाँकि, उनमें से लगभग आधी माँओं (47%) का कहना है कि वे काम पर तभी लौटेंगी जब उन्हें काम में फ्लेक्सिबिलिटी और घर से काम करने का विकल्प दिया जाएगा.
जिन महिलाओं की 2023 में काम करने की प्लानिंग नहीं है, उनमें से 60% ने कहा कि वे काम करना छोड़ देंगी क्योंकि वे अपने बच्चे के साथ अधिक समय बिताना चाहती हैं, जबकि 20% ने कहा कि वे बच्चे के पालन-पोषण, घर के कामों और करियर के बीच संतुलन बनाने के तनाव से गुज़रना नहीं चाहती हैं.
भले ही समय बदलने के साथ महिलाओं की वर्क स्पेस में भागीदारी बढ़ी हो, लेकिन नींद की कमी के कारण 19% और छुट्टी न मिलने के कारण 12% माँओं पर प्रेशर बढ़ा है.
सर्वे में जब माँओं से तनाव के आम कारण के बारे में पूछा गया तो 42% माँओं ने बच्चे की देखभाल और 40% माँओं ने व्यक्तिगत शारीरिक स्वास्थ्य को जिम्मेदार ठहराया. वहीं, एक चौथाई माँओं के लिए बजट और दैनिक खर्चों को संभालने की चिंता भी एक समस्या बन गई.
जैसे-जैसे बच्चों की ग्रोथ होती है, वे अधिक सक्षम होते जाते हैं. ऐस में नयी माँओं के पास अन्य एक्टिविटी के लिए थोड़ा अधिक समय होता है. सर्वे के अनुसार साल 2023 में नयी माँएँ ख़ुद के लिए ज़्यादा समय निकालना चाहती हैं. 20% माँएँ नये साल में प्रोमोशन की उम्मीद रखती हैं, ताकि वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार कर सकें.
माइलो सर्वे में पाया गया कि कई नयी माँओं की सोशल लाइफ मुख्य रूप से उनके परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है, 76% यूज़र्स ने कहा कि वे पिछले एक महीने में अपने दोस्तों के साथ बिल्कुल भी बाहर नहीं गई हैं. जब नयी माँओं से पूछा गया कि जब उनके पास ख़ुद के लिए समय होता है तो वे क्या करती हैं, तो इस पर 51% यूज़र्स का जवाब था- ‘स्ट्रीमिंग वीडियो’, चाहे वह यूट्यूब (YouTube) हो या फिर ओटीटी (OTT) प्लेटफार्म. वहीं, 37% यूज़र्स अपने परिवार के साथ बाहर समय बिताना पसंद करते हैं. इसके अलावा, लगभग 15% नयी माँओं का कहना है कि वे अपने दोस्तों से बात करती हैं.
इस बारे में श्वेता गुप्ता, माइलो कंटेंट और कम्युनिटी हेड का कहना है कि “महिलाएँ एक समय पर कई काम कर रही हैं; जैसे कि घर के कामों को मैनेज करना, बच्चे का ध्यान रखना और ऑफ़िस को कामों को संभालना. भारत की नयी माँएँ पुरुषों की तुलना में अधिक शिक्षित हैं. इसलिए, हमारे व्यवसायों को कार्यस्थल पर लौटने पर नयी माँओं को विश्वास देने के लिए नये तरीक़े सिखाने चाहिए. इसी तरह, हमें परिवारों और समाज को मातृत्व में जाने वाले काम को पहचानने और उसे महत्व देने की ज़रूरत पर जोर देना चाहिए".
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