


Vaccinations
18 August 2023 को अपडेट किया गया
पेरेंट्स बनने के बाद आपकी जिम्मेदारी बढ़ जाती है. आपको अपने साथ अपनी नन्हीं-सी जान का भी ख़्याल रखना होता है. उसकी सेहत के हर पहलू को बारीक़ी से समझना होता है. ऐसे में जब बात बेबी की वैक्सीन की आती है, तो पेरेंट्स को और भी ज़्यादा सतर्क होना पड़ता है. जानकारी के अभाव में कुछ पेरेंट्स यह नहीं समझ पाते हैं कि वैक्सीन उनके बच्चे के लिए कितनी ज़रूरी है! तो चलिए इस ऑर्टिकल के ज़रिये हम आपको बताते हैं कि बच्चे के लिए टीकाकरण (Vaccination) का क्या महत्व होता है.
किसी बीमारी के प्रति लड़ने के लिए, शरीर में प्रतिरोधात्मक क्षमता (immunity) बढ़ाने के लिए जो दवा दी जाती है, उसे टीका या वैक्सीन कहा जाता है. आमतौर पर यह दवा बच्चे के शरीर में इंजेक्शन के माध्यम से डाली जाती है.
दरअसल, हमारे शरीर में इम्यून सिस्टम होता है, जो बीमारियों से लड़ता है. जब किसी बीमारी वाले जर्म्स शरीर में प्रवेश करते हैं, तो ये शरीर को बीमार बनाने लगते हैं, तब हमारा शरीर ख़ुद-ब-ख़ुद इन जर्म्स से लड़ने के लिए एक तरह का प्रोटीन बनाने लगता है, जिसे एंटीबॉडीज (Antibodies) कहा जाता है.
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बच्चों के लिए टीकाकरण बहुत ही ज़रूरी होता है. सही उम्र में लगे टीके बच्चे को जीवनभर फ़ायदा पहुँचाते हैं. चलिए आपको अब डिटेल में टीकाकरण के फ़ायदे बताते हैं.
जन्म के बाद बच्चों की इम्यूनिटी बहुत ही कमज़ोर होती है. वैक्सीन लगने के बाद बच्चों के शरीर में रोगप्रतिरोध क्षमता विकसित होती है और उनकी रोग से लड़ने की क्षमता बढ़ती है.
वैक्सीनेशन से बच्चों में कई संक्रामक बीमारियों की समय रहते रोकथाम हो जाती है. खसरा, टिटनस, पोलियो, क्षय रोग, काली खाँसी और हेपेटाइटिस बी जैसी जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए बच्चों को टीके लगाए जाते हैं.
कई मामलों में वैक्सीनेशन आने वाली पीढ़ियों को भी खतरनाक बीमारियों से बचाती हैं. कुछ टीके गर्भवती महिलाओं को भी लगाए जाते हैं, जिससे उन्हें व उनके होने वाले बच्चे को टिटनेस व अन्य गंभीर बीमारियों से बचाया जा सके. टीकाकरण से रोग पैदा करने वाले रोगाणु कमज़ोर हो जाते हैं और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी मज़बूत होती हैं. इससे आप अपने बच्चे को कई बीमारियों जैसे पोलियो, डिप्थीरिया, खसरा, कण्ठमाला इत्यादि से बचा सकती हैं. इनमें से कई बीमारियों का असर हमारी आने वाली पीढ़ी के जन्म दोष से लेकर दीर्घकालिक विकलांगता से जुड़ा हुआ हैं.
किसी भी वैक्सीन को तब तक मंजूरी नहीं दी जाती है जब तक कि वे विभिन्न परीक्षणों के दौर से न गुजरे. इस वजह से ये आपके बच्चे के लिए बिल्कुल सुरक्षित होती है और ये बच्चे को रोगों से बचाने का एक इफेक्टिव तरीक़ा होती हैं. इसलिए बच्चों को समय पर टीका लगाया जाना चाहिए. इससे ना केवल वह खुद; बल्कि अन्य वह भी प्रभावित होते हैं, जो उनके संपर्क में आते हैं. ऐसे में आपको अपने बच्चे को समय पर टीकाकरण लगवाने के लिए अधिक सतर्क होना चाहिए.
जब आपके बच्चे को टीकाकरण से इतने सारे लाभ मिलते हैं, तो आपको उन्हें ज़रूर समय पर लगवाना चाहिए. सही समय पर लगाया गया सही टीका बच्चे को स्वस्थ रखता. हालाँकि, इन सभी टीकों को याद रखना थोड़ा मुश्किल हो सकता है. ऐसे में टीकाकरण की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए आप माइलो एप पर उपलब्ध टीकाकरण ट्रैकर टूल (Vaccination tracker tool) की मदद ले सकते हैं. इस टूल की मदद से आप बच्चे की उम्र के अनुसार महत्वपूर्ण टीकों के बारे में जान सकते हैं. साथ ही, टीकाकरण के लिए अलार्म या रिमाइंडर सेट करके रख सकते हैं.
उम्मीद है कि अब बच्चों को लगने वाले टीकाकरण से संबंधित ज़रूरी बातों को अच्छे से समझ गए होंगे.
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Written by
Priyanka Verma
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