
सारांश
सीज़ेरियन डिलीवरी का होना या न होना किसी के हाथ में नहीं. कई बार एक महिला अपनी प्रेगनेंसी के पहले ही दिन से अपना पूरा ख्याल रखती है और सबको ऐसा लगता है कि नार्मल डिलीवरी ही होगी लेकिन आखिरी वक़्त में परिस्थितियां बिल्कुल बदल जाती हैं और माँ और बच्चे की सुरक्षा को ध्यान में रखकर डॉक्टर को C-सेक्शन का सहारा लेना पड़ता है. तो आखिर ऐसी क्या परिस्थितियां होती हैं जिनकी वजह से एक महिला की सीज़ेरियन डिलीवरी हो सकती है -
इसे "फेल्ड टू प्रोग्रेस" भी कहा जाता है. एक तिहाई डिलीवरी इसी कारण से C-सेक्शन में बदल जाती है. ऐसा तब होता है जब एक नयी माँ 20 घण्टों से भी ज्यादा लेबर में हो या बच्चे का बहुत बड़ा होना जिसका बर्थ कैनाल से निकलना मुश्किल हो, सर्वाइकल थिनिंग का बहुत स्लो होना या फिर गर्भ में एक से ज्यादा बच्चों का होना, ऐसा होने के कुछ कारण हो सकते हैं.
एक सफल वजाइनल बर्थ के लिए बच्चे का सिर बर्थ कैनाल के पास नीचे की तरफ होना चाहिए लेकिन बच्चे कभी-कभी अपनी सही पोज़िशन में नहीं होते जैसे पैर नीचे या अन्य एब्नार्मल पोज़िशन. ऐसे में सीज़ेरियन डिलीवरी ही सही ऑप्शन मानी जाती है.
बर्थ डिफेक्ट (जन्म दोष) जैसे दिमाग में बहुत ज्यादा फ्लूइड का होना, दिल से जुड़ी कोई बिमारी या अन्य कोई कम्प्लीकेशन- ऐसी परिस्थितियों में डॉक्टर सीज़ेरियन डिलीवरी करने का फैसला लेते हैं.
यदि बच्चे को भरपूर ऑक्सीजन नहीं मिल रही हो तब भी डॉक्टर C-सेक्शन का सहारा लेते हैं.
वैसे तो 90% औरतें जिनका पहले किसी कारणवश सीज़ेरियन हुआ हो उनकी नार्मल डिलीवरी हो सकती है लेकिन कई बार सुरक्षा और माता की चॉइस से सीज़ेरियन डिलीवरी की जाती है.
बहुत सी महिलाओं की सीज़ेरियन डिलीवरी तब होती है जब वे स्वास्थय से जुड़ी किसी समस्या जैसे ब्लड प्रेशर, दिल की बीमारी या डायबिटीज से जूझ रही हों.
जब बच्चे के जन्म से पहले अम्बिलिकल कॉर्ड सर्विक्स से फिसल जाती है तो बच्चे को पूर्ण मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिल पाती जिससे उसकी जान को खतरा रहता है. ऐसी स्थिति में भी C-सेक्शन करने के अलावा कोई रास्ता नहीं रह जाता.
इस साइंटिफिक प्रॉब्लम का आसान शब्दों में मतलब है जब एक महिला की श्रोणि की ओपनिंग बहुत छोटी होती है जिससे वजाइनल बर्थ मुमकिन नहीं हो पाता तब सीज़ेरियन डिलीवरी करनी पड़ती है.
जब एक महिला एक से ज्यादा बच्चों को जन्म देने वाली हो तो कई बार कम्प्लीकेशन हो जाती है जिसकी वजह से ऐसा करना पड़ता है.
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An expert in content marketing, Shaveta is an alumnus of IIT, Bombay, she knows what the audience is looking for. Mother of a 6 year old, she has been instrumental in planning the content strategy at Mylo.




Mujhe Kal se baar baar motion aa rahe h or Kal toh pure din m 5 baar motion aaye hai Kal se kamar or pet k lower m pain hai Kal Puri raat Sone m bhi kaafi problems aayi mujhe mere solder or head kaafi pain kar rahe hai kahi Mera delivery ka tym pas to nhi aa Raha plz suggest me
Same hare
Meri pahli delevari sejer se hui thi .ab second bhi seagerian hogi kya?
Your body needs extra nutrition this trimester - these can help.



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