


Low Lying Placenta
5 February 2026 को अपडेट किया गया
प्लेसेंटा माँ के शरीर का एक संजीवनी जैसा ज़रूरी हिस्सा है, जो प्रेगनेंसी के दौरान आपके यूट्रस में पनपता है. ये आपके बेबी को जन्म से पहले ऑक्सीजन और ज़रूरी पोषण देने के साथ-साथ उसके खून की गंदगी को भी साफ़ करता है. ये यूट्रस की दीवारों से जुड़ा होता है और इसकी पोज़ीशन आपकी डिलीवरी के समय बहुत ही महत्वपूर्ण होती है. कभी-कभी प्लेसेंटा का विकास यूट्रस के नीचे की सतह पर होने लगता है जिससे सर्विक्स या बर्थ कैनाल का रास्ता थोड़ा बहुत या पूरी तरह बंद हो जाता है और बेबी को नैचुरली बाहर निकलने की जगह नहीं मिलती. इसी परेशानी को प्लेसेंटा प्रिविआ कहते हैं.
कारण
इस परेशानी की सीधी वजह क्या है ये तो नहीं कहा जा सकता मगर नीचे बताये गए कारणों को ध्यान में रख कर आप सतर्क रह सकती हैं:
लक्षण
इसका मुख्य लक्षण है वैजाइना से भारी मात्रा में रक्त स्राव (ब्लीडिंग) का होना जो कि कुछ दिन या हफ्ते तक रुक-रुक कर हो सकता है.अधिकतर इसका पता 6 से 7वें महीने में जा कर ही लगता है. ब्लीडिंग के साथ-साथ आपको पेट के निचले हिस्से में भारी मरोड़ या ऐंठन का एहसास भी हो सकता है.
लेकिन पूरी तरह इसका पता सिर्फ 4 से 6 महीने पर किये जाने वाले अल्ट्रासाउंड से ही लग सकता है इसीलिए ज़रूरी है कि आप अपने डॉक्टर की सलाह मान कर समय से चेक-अप कराती रहें.
बचने के उपाय
यदि आपको इस परेशानी का सामना करना पड़ गया है तब भी घबराएं नहीं और नीचे बताये गए उपाय अपनाकर इससे बचने की कोशिश करें.
चूंकि शुरूआती दिनों यानी1 से 5 महीने के समय में बेबी का पूरा विकास नहीं होता है इसलिए उसे यूट्रस में घूमने की जगह मिलती है. ऐसे में यदि प्लेसेंटा नीचे हो तब भी डिलीवरी के समय तक उसके ऊपर जाने की काफी संभावना रहती है. ऐसे में ज़्यादातर डॉक्टर सीज़ेरियन डिलीवरी को चुनते हैं. इसीलिए ज़रूरी है कि आप डॉक्टर के बताये अनुसार नियम से अल्ट्रासाउंड कराती रहें ताकि कोई भी ख़तरा होने पर वो आपको समय से सलाह दे सके.
Yes
No

Written by
Ishmeet Kaur
Ishmeet is an experienced content writer with a demonstrated history of working in the internet industry. She is skilled in Editing, Public Speaking, Blogging, Creative Writing, and Social Media.
Read MoreGet baby's diet chart, and growth tips






प्रेग्नेंसी में खुबानी खाना: फायदे और साइड इफेक्ट्स

Diet For Breastfeeding Mothers in Hindi | आख़िर कैसी होनी चाहिए ब्रेस्टफ़ीडिंग मॉम्स की डाइट?

मुस्लिम बच्चों के टॉप 100 नाम

Jaundice in Pregnancy in Hindi | प्रेग्नेंसी में पीलिया से कैसे बचा जा सकता है?

गर्भावस्था के दौरान खुश रहने के 5 आसान उपाय

Protein Powder During Pregnancy in Hindi | प्रेग्नेंसी में प्रोटीन पाउडर लेना कितना सुरक्षित है?