


Symptoms & Illnesses
15 August 2023 को अपडेट किया गया
साल 2019 का अंत, एक ऐसा समय था जब पहली बार चीन में कोविड का पहला मामला सामने आया था. इसके बाद से यह वायरस तेज़ी से दुनिया में फैला और करोड़ों लोगों की जान का दुश्मन बना. एक के बाद एक इसके नये वैरिएंट सामने आए. डेल्टा (Delta), अल्फा (Alpha) और ओमिक्रॉन (Omicron) के बाद अब इसका एक और नया वैरिएंट सामने आया है. इस वैरिएंट का नाम XBB.1.16 (एक्सबीबी.1.16) है. इस वैरिएंट को आर्कटुरस (Arcturus) नाम भी दिया गया है. अब सवाल यह है कि आख़िर यह वैरिएंट कितना खतरनाक है और किन लोगों के लिए हानिकारक है. अगर आप भी यही सोच रहे हैं, तो आपको इस आर्टिकल को ज़रूर पड़ना चाहिए. इस आर्टिकल के ज़रिये हम आपको कोविड के नये वैरिएंट से जुड़ी हर महत्वपूर्ण जानकारी देंगे. तो चलिए सबसे पहले जानते हैं कि आख़िर यह वैरिएंट है क्या!
XBB.1.16 ओमिक्रॉन का एक सबवैरिएंट है और ओमिक्रॉन की तुलना में इसकी संक्रमण दर ज़्यादा है. आर्कटुरस का पहला मामला इसी साल जनवरी में सामने आया था. इसके बाद धीरे-धीरे इसके मामले सामने आने लगे, जिसके बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इस वैरिएंट को चिंता का एक विषय बताया.
XBB.1.16 के लक्षण काफ़ी हद तक कोविड-19 जैसे ही हैं, लेकिन इसका एक लक्षण इसे बाक़ी वैरिएंट से अलग बनाता है. आपकी सुविधा के लिए हम इन लक्षणों को तीन भागों में बाँट रहे हैं:
बच्चों में XBB.1.16 के लक्षण कुछ इस तरह से दिखाई दे रहे हैं:
इलाज (Treatment): आँखों में खुजली होना या आँखों का गुलाबी होना बच्चों में नये कोविड वैरिएंट का सबसे साफ़ लक्षण है. पेरासिटामोल (Paracetamol), मल्टीविटामिन देना, बॉडी को हाइड्रेट रखना और 5 दिन तक बेडरेस्ट आदि इसके ट्रीटमेंट में शामिल हैं.
बुजुर्गों में XBB.1.16 के लक्षण कुछ इस तरह से दिखाई दे रहे हैं:
इलाज (Treatment): आइसोलेशन, पर्याप्त आराम, हेल्दी डाइट, शरीर में पानी की कमी न होने देना और मल्टीविटामिन, आदि इसके इलाज में शामिल हैं. हालाँकि, ऐसी स्थिति में डॉक्टर परामर्श ज़रूरी है, ताकि किसी भी तरह की गंभीर स्थिति से बचा जा सके. इसके अलावा ऑक्सीजन और पल्स रेट को मॉनिटर करते रहें.
बड़ों यानी कि वयस्को में XBB.1.16 के लक्षण कुछ इस तरह देखे जा रहे हैं:
इलाज (Treatment): पेरासिटामोल (Paracetamol), मल्टीविटामिन देना, बॉडी को हाइड्रेट रखना और 5 दिन तक बेडरेस्ट आदि इसके ट्रीटमेंट में शामिल हैं.
एक्सबीबी.1.16 वैरिएंट उन लोगों के लिए ज़्यादा ख़तरनाक है, जिन्हें पहले से ही एक से ज़्यादा बीमारियाँ, अस्थमा, डायबिटीज, तपेदिक और क्रोनिक किडनी जैसी समस्याएँ हैं. हालाँकि इस वैरिएंट से गंभीर स्थिति या बड़े पैमाने पर अस्पताल में भर्ती होने की संभावना नहीं है, लेकिन फिर भी किसी भी तरह का लक्षण दिखने पर ख़ुद को आइसोलेट कर लें और ज़रूरी सावधानी बरतें.
बढ़ते कोविड मामलों और अचानक मौसम परिवर्तन के कारण होने वाले फ्लू के लक्षणों से घबराएँ नहीं! बल्कि इन पर नज़र रखें और सही जानकारी के साथ ख़ुद का व अपनों का ख़्याल रखें!
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Written by
Jyoti Prajapati
Jyoti is a Hindi Content Writer who knows how to grip the audience with her compelling words. With an experience of more
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