


Baby Care
18 February 2026 को अपडेट किया गया
किसी भी महिला के लिए मां बनने के बाद शुरूआती सफ़र को समझ पाना थोड़ा कठिन है. क्योंकि शिशु अपनी कोई भी बात को बोलकर नही बल्कि कुछ संकेत देकर ही समझा पाता है. जिस वजह से मां को शिशु को समझने में थोड़ा सा वक्त लगता है कि आखिर मेरा शिशु किस वजह से रो रहा है. दरअसल, सभी शिशुओं को भूख, ठंड, थकावट, गर्मी या डायपर की ज़रूरत की वजह से रोना पड़ सकता है. लेकिन अगर शिशु दुखी होते हुए यह प्रकरण दोहरा रहा है तो समझ जाएं उसके पेट का दर्द ( कोलिक) हो सकता है. वैसे, बचपन में पेट का दर्द होना ये एक सामान्य स्थिति है और शिशु में यह पेट का दर्द आमतौर पर जन्म के कुछ सप्ताह के बाद दिखाई देता है.
वैसे, नवजात शिशु में कोलिक होने की विशेष वजह उसको दूध पिलाने के बाद डकार नही दिलवाना होता है. वहीं, इतने छोटे बच्चे की कोई शारीरिक एक्टिविटी ना होने की वजह से शिशु को अक्सर यह समस्या हो जाती है जिसकी वजह से वह लगातार रोता रहता है कई बार ज्यादा रोना भी शिशु को कोलिक शिशु बनाता है. ऐसे में घर में ही आसान तरीके अपनाकर कोलिक शिशु को बिना कोई दवाई दिए आराम दिलवाया जा सकता है.
शिशु को हर फीड के बाद डकार अवश्य दिलवाए जिससे उसके पेट में गैस ना भरे.
उसके नाभि के आस पास हींग भी गर्म पानी में भिगोकर लगा सकते हैं यह काफी आजमाया हुआ नुस्खा है.
शिशु को साइक्लिंग वाली व अन्य हल्की फुल्की सी एक्सरसाइज करवा कर भी राहत दिलवाई जा सकती है.
शिशु के पेट पर एन्टी क्लॉक वाइस गुनगुने तेल से हल्के हाथों से मालिश भी कर सकते हैं जिससे उसकी गैस बाहर निकल जाए और उसे राहत मिले.
एक सूती कपड़ा गुनगुने पानी में भिगोकर उसके पेट पर रखने से भी शिशु को काफी आराम मिलता है.
अगर आप ब्रेस्टफीडिंग करवाती हैं तो आपके खाने पीने का असर भी आपके शिशु की सेहत पर अवश्य पड़ता है इसीलिए केवल घर का आहार ही ले ज्यादा चाय, कॉफी, आचार, मसालेदार व तली हुई चीज़ों के सेवन से परहेज करें व हर आहार के बाद सौंफ जरूर खायें ताकि आप और आपका शिशु गैस की समस्या से बचा रहे.
ताज़ा हवा में जादू होता है. सूरज, हवा, पक्षियों की स्वरमय ध्वनि, यह सब चीज़ें बच्चों का मन बहलाकर उन्हें आराम देने में सहायता करता हैं.
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Written by
Khushi Negi
Mumma of two lovely kids..I like helping everyone.
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