
प्रेग्नेंसी में आने वाली कई दिक्कतों में से एक है ब्राउन डिस्चार्ज. अक्सर महिलाएं ये समझ ही नहीं पातीं कि ब्राउन डिस्चार्ज क्या है और ये क्यों हो रहा है? अक्सर महिलाएं ब्राउन डिस्चार्ज देख के डर जाती हैं खास तौर पर पहली प्रेग्नेंसी में और उन्हें यहाँ तक लगने लगता है कि कहीं ये उनके अन्बौर्न बेबी के लिए किसी तरह का खतरा तो नहीं.
आज इस आर्टिकल में ब्राउन डिस्चार्ज से जुड़ी हुई कई बातें आपको बताएँगे जैसे कि ब्राउन डिस्चार्ज क्या है, ब्राउन डिस्चार्ज के कारण, ब्राउन डिस्चार्ज (pregnancy me brown discharge in Hindi) कब होता है, ब्राउन डिस्चार्ज कितने दिन तक होता है और ब्राउन डिस्चार्ज रोकने के उपाय.
तो सबसे पहले बात करते हैं ब्राउन डिस्चार्ज के कारणों की. प्रेग्नेंसी में ब्राउन डिस्चार्ज (pregnancy me brown discharge in Hindi) होना एकदम नौर्मल है और इसके कई कारण हो सकते हैं. यह चिंता का विषय केवल तभी होता है जब आपको इसमें से किसी भी तरह की बदबू या इससे खुजली आदि की परेशानी होने लगे. ब्राउन डिस्चार्ज के कारण में सबसे पहले है
प्रेग्नेंसी की शुरुवात में इंप्लांटेशन ब्लीडिंग के कारण भी गहरे भूरे रंग का डिस्चार्ज होत है जो बिलकुल नौर्मल है.
डिलिवरी डेट का नजदीक होना और शिशु के कारण गर्भाशय पर बढ़ते हुए प्रेशर की वजह से लोअर बौड़ी पर दबाव पड़ता है और उससे ब्राउन डिस्चार्ज होने लगता है.
कई बार वेजाइनल इन्फेक्शन या यीस्ट संक्रमण भी ब्राउन डिस्चार्ज का कारण हो सकता है.
मिस्ड अबौर्शन भी इसका एक और कारण है जिसमें फीटस का ग्रोथ रुक जाती है विकसित टिशू कुछ समय के बाद ब्राउन डिस्चार्ज की तरह शरीर से बाहर आ जाते हैं.
गर्भपात होने पर भी ब्राउन डिस्चार्ज होता है जिसमें पेट के निचले हिस्से में दर्द और ऐंठन भी होती है.
प्लेसेन्टा प्रिविया भी ब्राउन डिस्चार्ज का एक कारण हो सकता है जिसमें प्लेसेन्टा सर्विक्स के मुंह को ढक लेती है जिससे इस तरह का डिस्चार्ज होने लगता है.
प्रेग्नेंसी में हौर्मोनल चेंजेस के कारण सर्विक्स बेहद सेंसेटिव हो जाती है और इस कारण सेक्स या डॉक्टर द्वारा इंटरनल एग्ज़ामिनेशन करने पर भी ब्राउन डिस्चार्ज हो सकता है.
ऐक्टोपिक प्रेग्नेंसी जिसमें फीटस यूट्रस के बाहर या फिर फ़ेलोपियन ट्यूब में विकसित होने लगता है, ऐसी स्थिति में भी पेट में दर्द और वेजाइनल ब्लीडिंग हो सकती है और इस कारण ब्राउन डिस्चार्ज होना पौसिबल है.
सेक्स संबंध के द्वारा होने वाले संक्रमण भी ब्राउन डिस्चार्ज का कारण हो सकते हैं जैसे कि क्लैमाइडिया, ट्राइकोमोनिएसिस और गोनोरिया इत्यादि.
अब आप ब्राउन डिस्चार्ज रोकने के उपाय जानना चाहेंगे. इसके लिए सबसे पहले ये पता करना जरूरी है कि यह डिस्चार्ज किस कारण से हो रहा है और कितना गंभीर है. असल में इसका कोई फिक्स इलाज़ नहीं है और ज़्यादातर मामलों में यह गंभीर नहीं होता तथा खुद ही ठीक हो जाता है. लेकिन अगर ऐसा लगातार हो रहा हो या आपको इसके साथ किसी और तरह के लक्षण भी दिखाई दें जैसे कि पेट में दर्द, उल्टियाँ या फिर मरोड़ इत्यादि तो ऐसे में डॉक्टर आपको दवा खाने की सलाह भी दे सकते हैं. लाइफस्टाइल से जुड़े कुछ बदलाव करने से भी आप इस समस्या से बच सकती हैं जैसे कि रोज़मर्रा के रूटीन में आप ऐक्टिव रहें, स्वस्थ भोजन खाएं और हल्के फुल्के योग या व्यायाम से अपनी इम्यूनिटी को मजबूत रखें. भारी सामान उठाने,सामने की ओर झुकने जैसे काम जिससे पेट पर दबाव पड़े उन्हें करने से पूरी तरह से बचें.
ब्राउन डिस्चार्ज (pregnancy me brown discharge in Hindi) इन प्रेग्नेंसी एक ऐसी प्रॉबलम है जिसके संकेत मिलने पर आपको तुरंत कुछ सावधानियाँ बरतनी चाहिए. जैसे कि
अगर ये लगातार और ज्यादा मात्रा में हो रहा हो तो तुरंत अपने डौक्टर से मिलें.
अगर डिस्चार्ज से बदबू या इसके कारण खुजली की समस्या भी हो और इसके साथ बुखार या लोवर अब्डोमन में क्रैंप्स या दर्द भी होता हो तो ये इन्फेक्शन का संकेत है. ऐसे में गाइनाकोलोजिस्ट ही आपका सही ट्रीटमेंट कर सकती हैं.
ब्राउन डिस्चार्ज रोकने के उपाय में एक और ज़रूरी काम है वेजाइनल एरिया को सूखा रखना ताकि वहाँ नमी के कारण संक्रामण न होने पाये. इसके लिए कौटन के अंडरगारमेंट्स पहनें जो बहुत ज्यादा कसे हुए न हों.
वेजाइनल एरिया को दिन में कई बार साबुन से धोने से भी बचें इससे वहाँ की स्किन का प्राकृतिक पीएच लेवल डिस्टर्ब होता है और वेजाइनल हेल्थ के लिए ज़रूरी अच्छे बैक्टीरिया भी खत्म होने लगते हैं. कई बार महिलाएं जानना चाहती हैं कि ब्राउन डिस्चार्ज कितने दिन तक होता है और ब्राउन डिस्चार्ज को कैसे रोके. इसका सीधा सा उत्तर ये है कि प्रेग्नेंसी में अगर ब्राउन डिस्चार्ज बिना किसी तकलीफ, दर्द, स्मेल के साथ 2-3 दिन होने के बाद खुद ही बंद हो जाए, जैसा कि अधिकतर मामलों में होता है तो या चिंता का कारण नहीं है. लेकिन अगर 4-5 दिन के बाद भी लगातार होता रहे तो ये अब्नौर्मल है और आपको तुरंत मेडिकल अड्वाइस लेनी चाहिए. इसी तरह अगर सेक्स या मेडिकल एक्ज़ामिनेशन के एक हफ्ते बाद तक भी डिस्चार्ज जारी रहे तो आपको डौक्टर से तुरंत मिलना चाहिए.
तो ये थे आपके लिए उन सभी सवालों के जवाब जहां हमने आपको बताया कि ब्राउन डिस्चार्ज क्या है, ब्राउन डिस्चार्ज कब होता है, इसके मुख्य कारण और ब्राउन डिस्चार्ज रोकने के उपाय. उम्मीद है इस पोस्ट को पढ़ने के बाद प्रेग्नेंसी में ब्राउन डिस्चार्ज से जुड़े आपके डर दूर हुए होंगे और इससे जुड़ी सभी सावधानियों की जानकारी मिली होगी.
1. Khaskheli M, Baloch S, Baloch AS, Shah SGS. (2021). Vaginal discharge during pregnancy and associated adverse maternal and perinatal outcomes. NCBI
2. E.W. Harville, A.J. Wilcox, D.D. Baird, C.R. Weinberg. (2003). Vaginal bleeding in very early pregnancy. Human Reproduction
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Meri pet Jada nhi dikh rahi h
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