


Baby Massage
7 March 2024 को अपडेट किया गया
बच्चों के लिए घी की मालिश एक पारंपरिक तरीका है जिसे कई पीढ़ियों से अपनाया जाता रहा है. इसमें बच्चे की त्वचा की हल्के गर्म घी से धीरे-धीरे मालिश की जाती है जिससे उनकी नाजुक त्वचा को मॉइस्चराइज और स्वस्थ रखने में मदद मिलती है. घी में कई तरह के ज़रूरी फैटी एसिड्स और पोषक तत्व होते हैं और इससे की गयी मालिश से न केवल बच्चों का ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है; बल्कि हड्डियों में भी मज़बूती आती है. आइये जानते हैं देसी घी से बच्चे की मालिश करने के फ़ायदे.
क्या घी बेबी की मसाज के लिए अच्छा होता है? (Is ghee massage good for babies in Hindi) किसी भी तरह की मालिश से बच्चों को कई फ़ायदे होते हैं जिनमें मांसपेशियों का विकास और हड्डियों की मज़बूती शामिल है. घी, क्योंकि फैटी एसिड्स से भरपूर होता है और इसमें मॉइस्चराइज़िंग गुण होते हैं, इस कारण यह बच्चे की नाजुक त्वचा को पोषण और सुरक्षा देने में मदद करता है. जब हल्के हाथों से इससे बच्चे की मालिश की जाती है (Advantages of ghee massage in Hindi) तो इससे उसकी बॉडी रिलेक्स होती है और ब्लड सर्कुलेशन में सुधार आता है. हालाँकि, मालिश के लिए घी के इस्तेमाल के साथ ही यह ध्यान रखना भी आवश्यक है कि इसे उचित तापमान पर ही गरम किया जाए और उचित मात्रा में ही लगाया जाए. मालिश के लिए इंडियन देसी ब्रीड की गाय का घी सबसे बढ़िया माना जाता है जो रंग में हल्का पीला होता है. आइये जानते हैं गाय के घी से मसाज करने के क्या-क्या (Advantages of ghee massage for babies in Hindi) फ़ायदे हैं.
गाय के घी की मालिश (ghee massage ke fayde) से शिशुओं को कई लाभ होते हैं. जिनमें से कुछ के बारे में हम यहाँ चर्चा करेंगे.
गाय का घी विटामिन ए, डी, ई और के जैसे आवश्यक पोषक तत्वों के साथ-साथ हैल्दी फैट का भी रिच सोर्स है जिससे बच्चे की त्वचा को पोषण मिलता है. विटामिन ई के कारण इसकी मालिश से बच्चे की स्किन को मुलायम और स्वस्थ रखने में मदद मिलती है.
घी में नेचुरल एंटीबैक्टीरियल प्रॉपर्टीज़ होती हैं जो बच्चे की स्किन को इन्फेक्शन और रैशेज से बचाने में मदद करते हैं. मामूली चोट या हल्की खरोंच लगने पर ये एक ट्रीटमेंट की तरह असर दिखाता है.
गाय का घी बच्चे की स्किन में आसानी से अब्ज़ॉर्ब हो जाता है, जिससे यह एक इफेक्टिव मॉइस्चराइज़र की तरह काम करता है जिससे बच्चे की स्किन को हाइड्रेटेड और सॉफ्ट बनाए रखने में मदद मिलती है.
घी की मालिश से बेबी की स्किन मुलायम रहती है. ख़ासतौर पर यह ड्राई स्किन या फ़्लेकी स्किन वाले बच्चों के लिए बेहद फ़ायदेमंद हो सकता है.
गाय का घी विटामिन डी का एक बढ़िया स्रोत है, जो स्वस्थ हड्डियों के विकास में बेहद मददगार होता है. नियमित रूप से घी की हल्की मालिश से बच्चे की हड्डियों को सामान्य से ज़्यादा मज़बूत बनाया जा सकता है.
भारत में ट्रेडिशनली ये माना जाता है कि घी की मालिश से बच्चे का वज़न बढ़ाने में भी मदद मिलती है, क्योंकि इससे स्किन के द्वारा उसके शरीर को अतिरिक्त पोषण मिलता है. हालाँकि, छोटे बच्चों का अत्यधिक वज़न बढ़ना भी ठीक नहीं है और असामान्य रूप से वेट गेन होने पर सावधान रहना ज़रूरी है. लो वेट वाले बच्चों के लिए घी की मालिश एक अच्छा विकल्प है.
दादी-नानी के ज़माने से ही घी का उपयोग बच्चे के पेट की मालिश के लिए भी किया जाता है. ऐसा मानते हैं कि इससे डाइज़ेशन में सहायता मिलती है और पेट के दर्द या गैस की परेशानी में राहत मिलती है. इसके लिए घी को हल्का गरम करके नाभि के चारों ओर सर्कुलर मूवमेंट्स में मसाज करनी चाहिए.
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किसी भी तरह की मालिश तभी फ़ायदेमंद होती है जब उसे सही तरीक़े से किया जाए. आपके बच्चे को घी की मालिश का पूरा फ़ायदा तभी मिल सकता है जब आप इसे सही तरह से करें. आइये जानते हैं गाय के घी से बच्चे की मालिश करने का सही तरीक़ा और इसका पहला स्टेप है बढ़िया क्वालिटी के देसी घी का प्रबंध करना.
बच्चे की मालिश करने के लिए बढ़िया क्वालिटी का ऑर्गेनिक और 100% शुद्ध देसी गाय का घी ही चुनें. घी खरीदते हुए इस बात को सावधानी से चेक करें कि घी एडिक्टिव्स, केमिकल्स और प्रिसर्वेटिव्स फ्री हो. आप घी को गाय के ताज़े दूध की मलाई से घर पर भी तैयार कर सकते हैं या फिर किसी अच्छे ब्रांड का घी मार्केट से खरीद लें.
घी उपलब्ध होने के बाद मालिश के लिए आप पहले एक से दो चम्मच घी को हल्का गर्म कर लें, लेकिन ध्यान रखें कि यह बहुत ज़्यादा गर्म न हो. आप घी के कंटेनर को गर्म पानी के कटोरे में रखकर डबल बॉइलिंग मेथड से गरम करें या फिर गैस पर धीमी आँच पर भी गर्म कर सकते हैं. बच्चे की त्वचा पर घी लगाने से पहले अपनी कलाई पर टेम्परेचर चेक करें और उसके बाद ही बच्चे की त्वचा पर लगाएँ.
बच्चे की घी की मालिश के दौरान हल्के और नरम स्ट्रोक यूज़ करें. सबसे पहले बच्चे के हाथ-पैर कंधे और कलाइयों पर मसाज करें. इसके बाद पीठ की मालिश करें और फिर अंत में पेट पर हल्के हाथों से मालिश करें. मालिश करते हुए बच्चे के कंफ़र्ट का ध्यान रखें और ज़्यादा प्रेशर डालने से बचें. मालिश करते हुए आपका स्पर्श कोमल और कंफ़र्टिंग होना चाहिए.
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जब आप बच्चे की मालिश करें तो उसकी बॉडी लैंग्वेज पर लगातार ध्यान देते रहें. अगर बच्चा असहज, परेशान या विरोध करता हुआ दिखे तो मालिश को तुरंत बंद कर दें. कुछ बच्चों को शुरुआत में मालिश पसंद नहीं आती है लेकिन दो से तीन बार करने के बाद उन्हें इसमें मज़ा आने लगता है.
बच्चे की घी मालिश का एक रेगुलर रूटीन सेट करें. इससे बच्चा मालिश को एंजॉय करने लगेगा. साथ ही आपके स्पर्श से बच्चे में सुरक्षा और कंफ़र्ट की भावना भी विकसित होगी. मालिश के लिए ऐसा समय चुनें जब आप और बच्चा दोनों रिलेक्स मूड में हों. मालिश को कभी भी जल्दबाजी में न करें. रेगुलर मसाज रूटीन से बच्चे को बेहतर और गहरी नींद सोने में भी मदद मिलती है.
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मालिश के लिए गाय के घी का इस्तेमाल एक बढ़िया विकल्प है लेकिन कुछ बच्चों को डेयरी प्रोडक्ट्स से एलर्जी होती है. किसी भी तरह के एलर्जिक रिएक्शन; जैसे कि रैशेज, लाली या खुजली के प्रति अलर्ट रहें और मालिश के दौरान या उसके बाद बच्चे की स्किन पर नज़र रखें. अगर आपको रिएक्शन का कोई भी संकेत दिखाई दे तो घी का उपयोग बंद कर दें. ऐसी स्थिति में आप प्योर घी के बजाय ऐसे आयुर्वेदिक बेबी मसाज ऑइल का प्रयोग भी कर सकते हैं जिसमें अन्य गुणकारी इंग्रिडिएंट्स के अलावा गाय के घी के गुण भी समाहित हों. इसके लिए आप माइलो का लक्षादि बेबी मसाज ऑइल (product link)भी ट्राई कर सकते हैं जिसमें गाय के शुद्ध घी के अलावा हल्दी, अश्वगंधा और कर्ड वाटर के गुण भी हैं. बच्चे की मालिश को बहुत देर तक करने के बजाय एक बार में लगभग 10-15 मिनट तक ही करें जिससे बच्चा इसे एंजॉय करे ना कि मालिश करने से वो थक जाए.
Lestari KP, Nurbadlina FR, Wagiyo W, Jauhar M. (2021). The effectiveness of baby massage in increasing infant's body weight. J Public Health Res.
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