
आज के कंज़्यूमर ओरिएंटेड़ बाजार में आपको कई सारे हेल्थ केयर प्रोडक्ट्स में मूसली का नाम दिखाई देगा. कॉर्नफ़्लेक्स से लेकर सीरियल्स में भी इस स्वास्थ्यवर्धक औषधि का प्रयोग किया जाने लगा है. असल में आयुर्वेद में सफेद मूसली (Safed Musli) कुछ महत्वपूर्ण जड़ी बूटियों में से एक है जिसका वैज्ञानिक नाम क्लोरोफाइटम बोरीविलियेनम है. उपचार के अपार गुण रखने वाली यह अद्भुत जड़ी बूटी शरीर के लिए बहुत लाभदायक है.
इस जादुई जड़ी बूटी के अनगिनत हेल्थ बेनीफिट्स हैं. इस पोस्ट में आगे आपके साथ शेयर करेंगे सफेद मूसली के फ़ायदे.
सफ़ेद मूसली (Safed Musli) में लगभग 25 प्रकार के अल्कालोइड्स, फाइबर, प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स जैसे कैल्शियम, पोटेशियम और मैग्नीशियम होते हैं. शरीर की ऊर्जा बढ़ाने के साथ ही इनके सेवन से ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है जिससे कमजोरी और थकान कम होती है और शरीर की इम्युनिटी बढ़ती है.
आज की अव्यवस्थित लाइफस्टाइल में मोटापे की समस्या आम है. सफ़ेद मूसली (Safed Musli) में प्राकृतिक घुलनशील फाइबर होता है जिसके सेवन के बाद आपको लंबे समय तक पेट भरे होने का अनुभव होता है और शरीर ऊर्जा पाने के लिए अपनी ही चर्बी को जलाने लगता है जिससे तेजी से वजन कम होता है.
सफ़ेद मूसली एक प्राकृतिक एंटासिड की तरह (Safed Musli) पेट में बढ़े हुए एसिड को घटाती है. इससे अपच के साथ साथ पेट फूलना, अल्सर और कब्ज से भी राहत मिलती है.
सफ़ेद मूसली के शक्तिशाली कॉम्पोनेन्ट शरीर की जीवन शक्ति को बढ़ाते हुए कमजोरी और थकान को कम करते हैं. इसके सेवन से एड्रेनल ग्लैंड्स बेहतर तरीके से काम करती है जिससे स्ट्रैस लेवल घटता है और इम्युनिटी बढ्ने लगती है. ताकत, जीवनी शक्ति और प्रतिरक्षा बढ़ाने के लिए स्त्री और पुरुष दोनों सफ़ेद मूसली (Safed Musli) का सेवन कर सकते हैं.
सफ़ेद मूसली में भरपूर मात्रा में पॉलीसेकेराइड नामक कार्बोहाइड्रेट होते हैं जो त्वचा के लिए अच्छे हैं. कुछ शोध ये भी दावा करते हैं कि सफेद मूसली के सेवन से शरीर में कुछ ऐसे मेटाबोलिक रिएक्शन होते हैं जिनकी वजह से त्वचा में नमी बरकरार रहती है और त्वचा मुलायम और साफ़ बनी रहती है. इस तरह सफ़ेद मूसली (Safed Musli) का सेवन हमारी सुंदरता को भी बढ़ाता है.
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सफ़ेद मूसली जिसे अक्सर हर्बल वियाग्रा भी कहा जाता है इसके सेवन से टेस्टोस्टेरोन लेवल बढ़ जाता है, जिसके कारण कामोत्तेजना और यौन शक्ति में वृद्धि होती है. सेक्स क्षमता बढ़ाने के लिए डॉक्टर अक्सर सफ़ेद मूसली (Safed Musli) का उपयोग करने की सलाह देते हैं.
आयुर्वेद में, सफेद मूसली (Safed Musli) को उसकी स्पेर्मेटोजेनिक क्षमता के लिए जाना जाता है. सफेद मूसली, स्पर्म की कमी (अल्पशुक्राणुता) के इलाज के लिए बहुत उपयोगी है. इसके नियमित उपयोग से स्पर्म्स की संख्या, मात्रा और क्वालिटी में भी सुधार होता है
सफ़ेद मूसली (Safed Musli) में स्टेरायडल ग्लाइकोसाइड जैसे कुछ कैंसर रोधी कैमिकल्स भी होते हैं. अगर कैंसर जैसी बीमारी के शुरूआती स्टेज में इसका उपयोग किया जाए तो यह कोशिकाओं को जीवित रखता है और ट्यूमर के आकार और वजन को कम करने में प्रभावी है.
सफेद मूसली के सेवन से गठिया, और पुराने आर्थराइटिस में होने वाली जोड़ों की सूजन को घटाने में काफी मदद मिलती है. आर्थराइटिस में जब जोड़ों में लुब्रिकेशन की कमी के कारण सूजन आ जाती है तब सफेद मूसली (Safed Musli) के सेवन से जोड़ों में तरल पदार्थ बढ़ने लगता है, जिससे सूजन और दर्द से राहत मिलती है.
महिलाओं में यूरिन में जलन और दर्द की समस्या आम है. इस रोग में सफ़ेद मूसली (Safed Musli) का सेवन बहुत लाभ देता है. इसके साथ ही, श्वेत प्रदर यानी ल्यूकोरिया समेत कई अन्य तरह के स्त्री रोगों में भी इसका सेवन लाभकारी है.
तो ये थे सफ़ेद मूसली के फ़ायदे और आगे बात करेंगे इसके साइड एफ़ेक्ट्स के बारे में. आइये जानते हैं इसका सेवन, कब और कैसे हो सकता है हानिकारक.
सफेद मूसली (Safed Musli) डॉक्टर द्वारा बताई गयी खुराक के अनुसार लेने पर सुरक्षित है लेकिन फिर भी कुछ व्यक्तियों में इसके विपरीत प्रभाव पाए जाते हैं.
सफ़ेद मूसली (Safed Musli) के सेवन से पेट लंबे समय तक भरा रहता है जिससे जल्दी से दोबारा भोजन करने का मन नहीं करता है. सामान्य वजन वाले या ऐसे व्यक्ति जो वजन बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं तो उनके लिए इसका सेवन हानिकारक हो सकता है.
सफ़ेद मूसली (Safed Musli) को पचाना थोड़ा मुश्किल है इसलिए लंबे समय तक अधिक मात्रा में लेने पर यह कुछ पाचन संबंधी परेशानी पैदा कर सकती है. खराब पाचन या लीवर की बीमारी में इसके उपयोग से पहले डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए.
सफ़ेद मूसली (Safed Musli) का गुण है कि वो कफ दोष को बढ़ाती है इसलिए असंतुलित कफ से रोगियों को इसका प्रयोग नहीं करना चाहिए.
सफ़ेद मूसली में गैलेक्टागॉग गुण होते हैं जिससे ब्रेस्ट फीडिंग के दौरान लेक्टेशन बढ़ सकता है इसीलिए इसका उपयोग करने से पहले ब्रेस्ट फीडिंग मदर्स को डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए. यह भी कहा जाता है कि प्रेग्नेंसी के दौरान सफेद मूसली (Safed Musli) का सेवन बच्चे के विकास को बाधित कर सकता है इसीलिए, गर्भवती महिलाओं को सफ़ेद मूसली का प्रयोग करने की सलाह नहीं दी जाती है.
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Hello friends... Dr ne mujhe bola he 12 april se 15 april tak delivery ho jani chahiye baki bache ko prblm ho sakti he... Par bache ne head niche fix hi nai kra to bachedani ka muh kese khule.. apme koi he jiski sath ye prblm hui ho...!!
Hello mom's mera 6 month chsl rha h kl maine thoda wajan utha liya tha tkriban 10 kg k lgbhg to ky mere bachche ko koi problem to nhi n hogi
Hello moms meri delivery ko 4 month ho gye h mujhe feb me halki bleeding hui thi march me nahi hui fir april me start ho gaye kya ye normal h plzzz reply me
Hello sisters please meri ultrasound report dekhkar bataiye ki sab Kuch hai .... our meri pregnancy ko kitne din ho gay me bahut confused Hu ....mere hisaab se 7th month abhi start hua hai doctor ne Bola hai ki 7 month complete hone wala hai ..... please help me
Hlw mom's Mera baby rat bilkul bhi nahi sota aur din m sota h kyaa kru bhot rota h
Your body needs extra nutrition this trimester - these can help.





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