


Male Infertility
5 December 2025 को अपडेट किया गया
वियाग्रा टेबलेट जिसे सिल्डेनाफिल साइट्रेट गोलियाँ भी कहते हैं मेडिकल प्रेस्क्रिप्शन से मिलने वाली दवा है. इसे मुख्यतः इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ईडी) के ट्रीटमेंट के लिए दिया जाता है. फर्टिलिटी का इलाज़ करते हुए भी अक्सर इसका प्रयोग किया जाता है. आगे वियाग्रा के बारे में आपको विस्तार से बताएँगे.
कई लोग यह जानना चाहते हैं कि वियाग्रा क्या होता है, वियाग्रा टेबलेट कब लेनी चाहिए और वियाग्रा खाने से क्या होता है? वियाग्रा या सिल्डेनाफिल को इंफर्टिलिटी और सेक्शुअल प्रॉबलम से जुड़ी दिक्कतों जैसे इरेक्टाइल डिसफंक्शन आदि में आमतौर पर प्रयोग किया जाता है लेकिन इसका यूज़ हमेशा किसी योग्य चिकित्सक की सलाह के बाद ही करना चाहिए.
वियाग्रा एक ऐसी दवा है जिसका एक्टिव कम्पोनेंट सिल्डेनाफिल होता है, जो पुरुष के लिंग की आर्टरीज़ को रिलेक्स करता है. इससे पेनिस में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है और उससे इरेक्शन पैदा होता है. इस दवा के प्रयोग से पुरुषों को इरेक्शन प्राप्त करने या उसे बनाए रखने में मदद मिलती है. फॉस्फोडिएस्टरेज टाइप 5 (PDE 5) इन्हिबिटर दवाओं के ग्रुप में आने वाली यह दवा गोली की फॉर्म में ली जाती है और लेने के कुछ समय बाद इस असर होना शुरू हो जाता है जिससे यह पेनिस में रक्त के प्रवाह को सामान्य से ज्यादा बढ़ा देती है.
वियाग्रा, या सिल्डेनाफिल, एंजाइम फॉस्फोडिएस्टरेज़ टाइप 5 (PDE5) को रोक कर अपना काम करता है जो लिंग में ब्लड सर्कुलेशन को रेगुलेट करने का काम करता है. असल में पुरुषों में यौन उत्तेजना के दौरान, नाइट्रिक ऑक्साइड रिलीज़ होता है, जिससे गाइनालेट साइक्लेज़ ऐक्टिव हो जाता है और सीजीएमपी (साइकिलिक ग्वानोसिन मोनोफॉस्फेट) का लेवल बढ़ जाता है. इस पूरी प्रोसेस में पेनिस की धमनियों की स्मूद मसल सेल्स को आराम मिलता है और इरेक्टाइल टिशू में ब्लड फ़्लो काफी बढ़ जाता है, जिससे इरेक्शन मजबूत और लंबे समय तक बना रहता है.
वियाग्रा टेबलेट महिलाओं के लिए नहीं बनाई गयी है. यह, मुख्य रूप से पुरुषों में इरेक्टाइल डिसफंक्शन को रोकने के लिए बनाया गया कंपोज़ीशन है और यह महिलाओं के प्रयोग के लिए नहीं है. न ही महिलाओं के लिए फीमेल वियाग्रा जैसा इसका कोई वर्जन मौजूद है. सेक्शुअल डिसऑर्डर से जूझ रही महिलाओं को इसके लिए किसी अनुभवी गाइनोकोलोजिस्ट से सलाह लेनी चाहिए.
लोग यह भी जानना चाहते हैं कि वियाग्रा कब लेना चाहिए? आइये अब आपको बताते हैं कि वियाग्रा टेबलेट कैसे यूज़ करे. वियाग्रा की गोलियों को आमतौर पर सेक्शुअल ऐक्टिविटी से लगभग 30 मिनट से एक घंटे पहले एक गिलास पानी के साथ लेने की सलाह दी जाती है. डॉक्टर्स इसे अधिकतम 50 मिलीग्राम की ख़ुराक में देते हैं लेकिन व्यक्ति के रोग और ज़रूरत के अनुसार इसे कम या ज्यादा भी किया जाता है. इस के सेवन के साथ हाई फैट डाइट से बचना चाहिए क्योंकि इससे वियाग्रा के असर पर फ़र्क पड़ सकता है. दवा का पूरा असर होने के लिए सेक्शुअली ऐक्टिव होना ज़रूरी है. वियाग्रा को किसी भी कंडीशन में डॉक्टर की सलाह के बाद ही लेना चाहिए और इसका प्रयोग करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श ज़रूर करें. वियाग्रा को दिन में एक बार से ज्यादा नहीं लेना चाहिए.
इसे भी पढ़ें : ओवलुना फर्टिलिटी टैबलेट का उपयोग और फायदे
अब आपको बताते हैं वियाग्रा खाने से लाभ के बारे में. इन्हें आमतौर पर इन स्थितयों में दिया जाता है.
वियाग्रा, या सिल्डेनाफिल, को आमतौर पर इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ईडी) से जूझ रहे पुरुषों को प्रिस्क्राइब किया जाता है.
वियाग्रा, या सिल्डेनाफिल, का प्रयोग तब किया जाता है जब किसी पुरुष को सेक्शुअल ऐक्टिविटी के लिए पर्याप्त इरेक्शन लाने और बनाए रखने में कठिनाई होती होती हो.
यह दवा आमतौर पर ईडी से जुड़े अंडरलाइन फिजिकल और साइकोलोजिकल सिंपटम वाले व्यक्तियों के लिए सावधानी के साथ और डॉक्टर की देखरेख में ली जाती है.
यह बेहद ज़रूरी है कि वे दवा का प्रयोग करने से पहले अपने डॉक्टर से राय लें और यह सुनिश्चित करें कि वियाग्रा का सेवन उनकी हेल्थ कंडीशन के अनुसार सुरक्षित है या नहीं.
इसके अलावा कुछ मामलो में, फेफड़ों की आर्टरीज़ में हाई ब्लड प्रेशर के इलाज के लिए भी वियाग्रा सिल्डेनाफिल (Viagra (Sildenafil) in Hindi) का प्रयोग किया जा सकता है. इस स्थिति को पल्मनरी आर्टिरियल हाइपर टेंशन (pulmonary arterial hypertension) के रूप में जाना जाता है.
वियाग्रा का उपयोग सावधानी के साथ और डॉक्टरी देखरेख में किया जाना चाहिए और इसे आम तौर पर उन व्यक्तियों के लिए प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए जो हृदय या लीवर की समस्याओं या इरेगुलर ब्लड प्रेशर से जूझ रहे हों या फिर जिन्हें हाल ही में दिल का दौरा पड़ा हो. साथ ही जो लोग सीने में दर्द के लिए नाइट्रेट लेते हैं उन्हें भी इसका प्रयोग नहीं करना चाहिए. ऐसा करने पर वियाग्रा टेबलेट के नुकसान हो सकते हैं.
इसके अलावा वियाग्रा, या सिल्डेनाफिल, से कुछ व्यक्तियों में ख़ास तरह के साइड इफेक्ट भी देखने को मिलते हैं; जैसे कि
सिरदर्द इसके सबसे आम साइड इफेक्ट में से एक है.
फ्लशिंग यानी कि चेहरे या ऊपरी शरीर में गर्मी और त्वचा का लाल हो जाना.
पेट खराब होना या गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल परेशानी.
नाक का बंद होना या भरी हुई और बहती हुई नाक.
चक्कर आना या चक्कर आना.
ये साइड इफेक्ट आम तौर पर हल्के और अस्थायी होते हैं, लेकिन कुछ व्यक्तियों में वियाग्रा का सेवन कहीं अधिक गंभीर साइड इफेक्ट पैदा कर सकता है, हालाँकि ऐसे मामले कम देखने को मिलते हैं.
आँखों की रोशनी में कमी आना या अचानक होने वाला साइट लॉस या नज़र में धुंधलापन आना.
चार घंटे से भी अधिक समय तक चलने वाला इरेक्शन जिसे प्रियापिज़्म कहा जाता है. ऐसा होने पर तुरंत मेडिकल अटेंशन की जरूरत होती है.
सुनने की क्षमता में कमी आना और अचानक इसका कम हो जाना या ख़त्म हो जाना.
अक्सर लोग जानना चाहते हैं कि क्या ऐसे कुछ होम रेमेडी हैं जिन्हें घरेलू वियाग्रा की तरह यूज़ किया जा सकता है. आगे आपको बताएँगे कैसे कुछ ख़ास तरह के फूड आइटम्स जैसे अनार, पालक, लहसुन, कद्दू के बीज और एवोकैडो के सेवन से आप ईडी के लक्षणों में सुधार ला सकते हैं और कुछ हद तक ये वियाग्रा के नेचुरल अल्टरनेट के तौर प्रयोग किए जा सकते हैं. हालाँकि रोग की ईंटेंसिटी को देखते हुए केवल घरेलू उपचार पर निर्भर रहना काफी नहीं है लेकिन खान – पान का असर निश्चित तौर पर आपको इसके लक्षणों को कंट्रोल करने में मदद करेगा. साथ ही आप नेचुरल इंग्रिडिएंट्स से बने हुए कुछ अन्य प्रोडकट्स भी आज़मा सकते हैं.
एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर अनार ओवर ऑल हार्ट हेल्थ को बढ़ाने के लिए बेहतरीन काम करता है. यह ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाता है जो बेहतर सेक्शुअल फंक्शन के लिए आवश्यक है. आहार में नियमित रूप से अनार को शामिल करने से ओवर ऑल सेक्शुअल वेलनेस बढ़ती है.
पालक में अच्छी ख़ासी मात्रा में फोलेट होता है जो एक ऐसा न्यूट्रीएंट है जिससे ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाने में मदद मिलती है. फोलेट नाइट्रिक ऑक्साइड के प्रोडक्शन को बढ़ाता है जिससे रक्त वाहिकाएँ चौड़ी होती हैं और इससे पेल्विक और ग्रोइन एरिया सहित शरीर के विभिन्न अंगों में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है.
लहसुन हार्ट हेल्थ के लिए बहुत लाभकारी है क्योंकि यह ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने और ब्लड सर्कुलेशन में सुधार करने में मदद करता है. ब्लड सर्कुलेशन के इंप्रूव होने से सेक्शुअल ऐक्टिविटी और सेक्स ड्राइव से जुड़े फंक्शन में सुधार आता है इसलिए कई लोग इसे लहसुन वियाग्रा भी कहते हैं. डाइट में लहसुन को शामिल करने से ओवर ऑल हार्ट हेल्थ बेहतर होती है और इम्यूनिटी बढ़ती है.
कद्दू के बीज जिंक का एक बढ़िया सोर्स हैं. जिंक एक ऐसा मिनरल है जो टेस्टोस्टेरोन प्रोडक्शन को बढ़ाता है. पुरुष और महिलाओं दोनों में सेक्स ड्राइव और सेक्शुअल ऐक्टिविटी को बनाए रखने के लिए पर्याप्त टेस्टोस्टेरोन का होना ज़रूरी है.
एवोकाडो हेल्दी फैट, ख़ास तौर पर मोनोअनसैचुरेटेड फैट से भरपूर होता है, जो हार्ट हेल्थ के लिए फ़ायदेमंद होता है. पेल्विक और ग्रोइन एरिया सहित शरीर के सभी हिस्सों में पर्याप्त ब्लड सर्कुलेशन बनाए रखने के लिए हार्ट का स्वस्थ रहना ज़रूरी है.
इन नेचुरल सोर्स के अलावा आप माइलो केयर पोटेनमैक्स कैपसूल और माइलो ओवलुना फर्टिलिटी कैप्सूल जैसे प्रोडक्ट्स भी ट्राई कर सकते हैं जो टेस्टोस्टेरोन लेवल को बढ़ाकर ओवर ऑल सेक्शुअल हेल्थ और फर्टिलिटी को इंप्रूव करते हैं और पूरी तरह से नेचुरल और सुरक्षित हैं.
वियाग्रा, इरेक्टाइल डिसफंक्शन का एक प्रभावी इलाज है और किसी भी पुरुष की सेक्स लाइफ की क्वालिटी को बढ़ाने में मददगार हो सकती है. लेकिन किसी भी स्थिति में इसे बिना डॉक्टरी सलाह के प्रयोग न करें. निर्धारित ख़ुराक से अधिक लेने से इसके गंभीर साइड इफेक्ट तक हो सकते हैं.
Chase Carto, Manjari Pagalavan, Sirpi Nackeeran, Ruben Blachman-Braun, Eliyahu Kresch, Manish Kuchakulla , Ranjith Ramasamy 3 PMID: 34979217
Benjamin P. Smith; Mary Babos. February 14, 2023., books/NBK558978/
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Kavita Uprety
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