
Updated on 11 December 2023
गर्भावस्था का पता चलते ही दंपत्ति के मन में सबसे पहले यह सवाल आता है कि वह अपने बच्चे के जन्म के लिए किस अस्पताल का चयन करें. ऐसे में आपको अपने घर के आसपास के सभी नर्सिंग होम के बारे में जानना होगा और साथ ही आपको उन अस्पतालों व नर्सिंग होम में अपने बच्चे को जन्म दे चुके लोगों का अनुभव पता करना चाहिए. इसके अलावा भी आपको कुछ बातों पर ध्यान देने की आवश्यकता होती है. इन महत्वपूर्ण बातों को आगे विस्तार से बताया गया है.
अगर आप पहली बार मां बन रहीं हैं तो ज़ाहिर है कि आपको यह पता नहीं होगा कि शहर में कौन-सी स्त्री रोग या प्रसव विशेषज्ञ योग्य और एक्सपर्ट हैं और किसके पास आपको पहुंचना चाहिए? इसलिए इस समय आप अपने परिवार के अन्य सदस्यों, दोस्तों या किसी परिचित से सलाह ले सकती हैं, जिन्होंने पहले कभी किसी डॉक्टर से सलाह ली हो या इलाज कराया हो. आपकी फैमिली डॉक्टर भी इस मामले में सही सलाह दे सकती हैं. जिसके आधार पर आप बेहतर सेवा प्रदान करने वाले अस्पताल में गुणवत्तापूर्ण इलाज करा सकती हैं. एक डॉक्टर को अपने काम में माहिर होने के साथ–साथ काफी संवेदनशील भी होना चाहिए, ताकि वह गर्भवती महिला के सभी प्रकार के भय और संशय को कम कर सकें और उसके अंदर उठने वाले सवालों व जिज्ञासाओं को शांत कर सकें. ऐसे डॉक्टर के साथ मरीज काफ़ी सहज महसूस करती है. साथ ही, इस तरह के डॉक्टर की सलाह से गर्भावस्था तनाव मुक्त और सरल बन जाती है.
यदि आपके शिशु का जन्म समय से पहले हो जाए या जन्म के बाद वह अस्वस्थ हो, तो उसे विशेष चिकित्सकीय देखभाल की जरूरत होगी. ऐसी परिस्थितियों का सामना करने के लिए आपके चुने हुए अस्पताल या नर्सिंग होम में नवजात इंटेंसिव केयर यूनिट (एनआईसीयू) होनी चाहिए. एनआईसीयू में विशेष चिकित्सकीय उपकरण जैसे कि इनक्यूबेटर, फीडिंग ट्यूब, फोटोथेरेपी लाइट, रेस्पिरेटरी मॉनिटर और कार्डियक मॉनिटर होने चाहिए. साथ ही नन्हे शिशुओं या बीमार शिशुओं की देखभाल में प्रशिक्षित स्टाफ का होना भी बेहद ज़रूरी है.
आप के घर के नजदीक का अस्पताल हमेशा आपके लिए सुविधाजनक और फायदेमंद साबित होगा. ऐसे में गर्भावस्था के दौरान अचानक होने वाली किसी भी असहजता और समस्या के समय जल्दी और आसानी से अस्पताल पहुंचा जा सकता है.
डिलीवरी(prasav) के अंतिम समय में बहुत सारी समस्याएं उत्पन्न हो सकती है. एक अच्छे अस्पताल में आधुनिक सुविधाओं से लैस मातृत्व युनिट, 24 घंटे इमरजेंसी सेवा और ब्लड बैंक की सुविधा होनी चाहिए, ताकि कभी भी किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सकें. अस्पताल में आईसीयू और इनक्यूबेटर सहित बच्चों के अलग वार्ड जैसी सुविधाएं भी होनी चाहिए. इसके अलावा नवजात और माँ की देखभाल करने के लिए प्रशिक्षित डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की टीम भी होनी चाहिए. इन सुविधाओं के आधार पर प्रसव को आसान और खतरों से मुक्त बनाया जा सकता है.
किसी भी अस्पताल या नर्सिंग होम की क्वालिटी का अनुमान वहाँ के उपकरणों, स्टाफ, कमरों और बाथरूम आदि की सफाई के स्तर से लगाया जा सकता है. अस्पताल या नर्सिंग होम का जायजा लेते समय इन चीज़ों को जानने का प्रयास करें. जैसे-
आपके अस्पताल का माहौल आपके लिए शांतिमय और आरामदायक होना चाहिए. किसी–किसी महंगे अस्पताल में अलग–अलग रेट पर घर जैसी सुविधाओं से सुसज्जित कमरे भी होते हैं, जिसे अतिरिक्त भुगतान करके प्राप्त किया जा सकता है. ऐसे कमरे में आपके साथ आपके पति और दूसरे बच्चे भी रह सकते हैं. कमरे और घर के अन्य सदस्यों की टेंशन खत्म होने से आप डिलीवरी (prasav) के क्षण और अनुभव को काफी आरामदायक और यादगार बना सकती है. अस्पताल के स्टाफ को भी काफी धैर्यवान, सहनशील और खातिरदारी करने वाले स्वभाव का होना चाहिए, डिलीवरी (prasav) के पहले और बाद वो आप का सही तरीके से ख्याल कर सकें.
चूँकि बिजली कटौती काफी आम समस्या है, इसलिए सुनिश्चित करें कि आपके मैटरनिटी अस्पताल में 100 फीसदी पावर बैक-अप की सुविधा हो. बिजली आपूर्ति का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि बिजली न होने पर केवल लिफ्ट, लाइट और पंखे ही काम करेंगे. आपको बता दें कि इनक्यूबेटर को नियमित बिजली की आवश्यकता होती है और बहुत सी दवाओं को भी फ्रिज में रखना जरूरी होता है. आप अन्य सुविधाओं के बारे में भी पता कर सकती हैं, जैसे कि 24 घंटे पानी की सप्लाई आदि.
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Written by
Sanju Rathi
A Postgraduate in English Literature and a professional diploma holder in Interior Design and Display, Sanju started her career as English TGT. Always interested in writing, shetook to freelance writing to pursue her passion side by side. As a content specialist, She is actively producing and providing content in every possible niche.
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